Trump Warning to Iran/Image Source: ANI
दुबई: Trump Warning to Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हमले तेज न करने की चेतावनी देते हुए रविवार को ऑनलाइन माध्यम से कहा कि अमेरिका ‘‘ऐसी ताकत के साथ जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा।’’
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ के जरिए रविवार को ये टिप्पणियां ऐसे समय में की जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद उन्हें धमकियां मिली हैं। ट्रंप ने लिखा, ‘‘ईरान ने अभी-अभी कहा है कि वे आज बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे, जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया।’’ उन्होंने पोस्ट किया, ‘‘लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा।’’
Trump Warning to Iran: वहीं ईरानी संसद के अध्यक्ष ने अमेरिकी और इजराइली नेताओं को ‘घिनौना अपराधी’ बताया और कहा कि उन्हें ‘विनाशकारी प्रहारों’ का सामना करना पड़ेगा।
Trump Warning to Iran: यह कब तक चलेगा? क्या यह और बढ़ेगा? ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर और ईरान के साथ जारी टकराव का हम पर और दुनिया की सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा? शनिवार को ये सवाल पश्चिम एशिया और दुनियाभर के लोगों की जेहन में छाए रहे। हालांकि, अमेरिका-इजराइल के ईरान पर किए गए हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने संयमित प्रतिक्रिया दी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले खोमेनेई की मौत की घोषणा करते हुए कहा कि इससे ईरानियों को अपने देश की बागडोर अपने हाथों में ‘‘वापस लेने का सबसे बड़ा मौका’’ मिला है।
वहीं, एक बयान में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिका-ईरान से फिर से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके देश ईरान पर हुए हमलों में शामिल नहीं हैं, लेकिन वे अमेरिका, इजराइल और क्षेत्र के सहयोगी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। ये तीनों देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत से समाधान की कोशिशों में आगे रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम क्षेत्र के देशों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। ईरान को बिना सोचे समझे सैन्य हमले करने से बचना चाहिए। आखिर में, ईरानी लोगों को अपना भविष्य खुद तय करने देना चाहिए।” बाद में, आपात सुरक्षा बैठक में मैक्रों ने कहा कि ईरान पर हुए हमलों के बारे में फ्रांस को न पहले से बताया गया था और न ही फ्रांस इसमें शामिल था। उन्होंने कहा कि बातचीत से समाधान निकालने की कोशिशें और तेज करनी चाहिए।