नायडू ने वाराणसी में बालाजी मंदिर के लिए मांगी जमीन, कहा : राजग ने देश को स्थिरता दी

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नायडू ने वाराणसी में बालाजी मंदिर के लिए मांगी जमीन, कहा : राजग ने देश को स्थिरता दी

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 07:54 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 07:54 PM IST

वाराणसी (उप्र), 17 सितंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व तथा देश में ‘‘स्थिरता लाने’’ के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सराहना की और साथ ही पूरे देश में नदियों को आपस में जोड़ने की वकालत की।

नायडू ने वाराणसी में बालाजी मंदिर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 5-10 एकड़ जमीन भी मांगी।

मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर उनके 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर यहां ‘सेवा संकल्प मोटरसाइकिल यात्रा’ की शुरुआत के दौरान नायडू ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में राजग ने देश को स्थिरता दी है, स्थिरता से भरोसा बढ़ता है, भरोसे से निवेश आता है, निवेश से नौकरियां पैदा होती हैं और नौकरियों से परिवारों की जिंदगी बदलती है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे लिए सहकारी संघवाद कोई नारा नहीं है, बल्कि रोज का अनुभव है। केंद्र अमरावती के मामले में हमारे साथ खड़ा रहा। केंद्र पोलावरम के मामले में भी हमारे साथ खड़ा रहा।’’

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारत की नदियों को जोड़ने की भी पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि देश में पानी के भरपूर संसाधन हैं और इस तरह की परियोजना देश के विकास की दिशा बदल सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ हमारे प्रधानमंत्री ही नदियों को जोड़ने का काम कर सकते हैं, जो भारत में लंबे समय से अटका है। अगर आप सभी नदियों को जोड़ दें, तो भारत को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा।’’

नायडू ने कहा, ‘‘अगर आप ब्रह्मपुत्र, गंगा, महानदी, कावेरी और गोदावरी को जोड़ दें, तो भारत एक अलग ही भारत बन जाएगा।’’

अपने भाषण की शुरुआत ‘हर-हर महादेव’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ करते हुए नायडू ने कहा कि वडनगर से वाराणसी तक मोदी का सफर सेवा भाव से भरा रहा है।

नायडू ने कहा कि वाराणसी ने 2014, 2019 और 2024 में मोदी को संसद के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि इस निर्वाचन क्षेत्र ने सिर्फ वाराणसी के लिए नेता नहीं चुना बल्कि देश को एक नेता दिया।

नायडू ने ‘वीकेएस मंत्र’ के बारे में बताया, जिसमें ‘वी’ का मतलब वडनगर, ‘के’ का मतलब काशी और ‘एस’ का मतलब सितंबर (मोदी के जन्मदिन का महीना) है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह वीकेएस मंत्र बहुत शक्तिशाली है। लोकतंत्र में अगर आप सकारात्मक सोचते हैं और खुद सकारात्मक मार्गदर्शन कर सकते हैं तो आप किसी भी पद तक पहुंच सकते हैं।’’

नायडू ने कोविड-19 संकट से निपटने के मोदी के तरीके की भी तारीफ की और भारत के टीकाकरण कार्यक्रम और दूसरे देशों को दी गई मदद का जिक्र किया।

उन्होंने उभरती हुई तकनीकों में मोदी की दिलचस्पी की तारीफ की और अंतरिक्ष, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी का जिक्र किया।

नायडू ने भारत के स्टार्टअप परिवेश और महिलाओं के कल्याण और सशक्तीकरण की पहलों का भी जिक्र किया।

नायडू ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र किया और कहा कि भारत ने हमलों का जवाब देने की अपनी क्षमता दिखाई है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत किसी के भी आंतरिक मामलों में दखल नहीं देता। अगर कोई भारत पर हमला करता है, तो भारत क्या कर सकता है? यह आपने ‘ ऑपरेशन सिंदूर’ में देखा है। हमने बहुत कम समय में मुंहतोड़ जवाब दिया।’’

नायडू ने मंच पर मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की भी तारीफ की।

नायडू ने वाराणसी में आए बदलाव का श्रेय मोदी और आदित्यनाथ को दिया और काशी विश्वनाथ धाम, बेहतर कनेक्टिविटी, साफ घाट और गंगा के कायाकल्प की कोशिशों का जिक्र किया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने वाराणसी में बालाजी मंदिर के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जमीन की मांग करते हुए कहा कि वह भगवान बालाजी से जुड़ी पवित्र भूमि से आए हैं और उन्होंने दोनों धार्मिक परंपराओं के बीच तुलना की।

उन्होंने कहा, ‘‘कलयुग के देवता भगवान बालाजी हैं और त्रेता युग के देवता जय श्री राम हैं। अब मैं माननीय मुख्यमंत्री से कम से कम पांच से दस एकड़ जमीन मांग रहा हूं। हम यहां बालाजी का एक मंदिर बनाना चाहते हैं।’’

नायडू ने लोगों से भारत को एक विकसित देश बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।

भाषा किशोर सलीम गोला

गोला