वाराणसी (उप्र), 17 सितंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान बार-बार हिंदी का इस्तेमाल करके लोगों का दिल जीत लिया।
‘हर-हर महादेव’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के साथ अपना भाषण शुरू करने से लेकर अहम मौकों पर छोटे-छोटे हिंदी वाक्य बोलने तक नायडू ने भीड़ से जुड़ने के लिए इस भाषा का इस्तेमाल किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 76वां जन्मदिन मनाने और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर उनके 25 साल पूरे करने का जश्न मनाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में नायडू ने कहा, ‘‘‘आज मैं काशी की पवित्र धरती पर खड़ा हूं। यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। काशी सबसे प्राचीन नगरी है और काशी नई सोच भी देती है।’’
उनकी इस बात पर भीड़ ने तालियां बजाईं।
इस दौरान मंच पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी मौजूद थे। साथ ही उत्तर प्रदेश के कई मंत्री और विधायक भी शामिल थे।
नायडू ने रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में लगभग 33 मिनट तक सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में वाराणसी से वडनगर तक ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ की शुरुआत भी की गयी।
नायडू ने अपना भाषण हिंदी में शुरू किया और फिर जल्द ही अंग्रेजी में बोलने लगे। भाषण शुरू होने के लगभग छह मिनट बाद उन्होंने रुककर दर्शकों से पूछा कि क्या वे चाहते हैं कि उनके भाषण का हिंदी में अनुवाद किया जाए।
उन्होंने कहा, ”क्या आप चाहते हैं कि मेरे भाषण का हिंदी में अनुवाद किया जाए? ऐसा भी किया जा सकता है।”
नायडू ने इसके बाद मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया देखी और पाया कि ज्यादातर लोग कह रहे थे कि इसकी कोई जरूरत नहीं है। हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने हिंदी में बोलना शुरू किया और कहा, ”अन्नदाता मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा।”
इस पर दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं और नारे लगाए।
इसके बाद वह फिर से अंग्रेजी में बोलने लगे, लेकिन अपने बोलने के अंदाज को बदलते रहे। वह और ज्यादा जोश भरे अंदाज में बोले, खासकर तब जब उन्होंने कोविड महामारी के दौरान मोदी के नेतृत्व की तारीफ की।
एक और मौके पर उन्होंने अपने भाषण के बड़े राष्ट्रीय संदेश को बताने के लिए फिर से हिंदी का सहारा लिया।
नायडू ने कहा, ”देश बदल रहा है, देश आगे बढ़ रहा है।” उन्होंने भारत को ‘नया भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ बताया।
उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ का भी जिक्र किया।
नायडू जब अपना भाषण खत्म करके अपनी सीट की ओर बढ़े तो उनके साथ बैठे नेता खड़े हो गये।
आदित्यनाथ ने नायडू से हाथ मिलाया और दर्शकों से अपनी सीट पर बैठने और शांत होने का इशारा किया।
नायडू के ठीक बाद कार्यक्रम को संबोधित करने वाले राजनाथ सिंह ने अपने भाषण की शुरुआत नायडू के भाषण की तारीफ करते हुए की।
सिंह ने कहा, ”चंद्रबाबू नायडू जी, आपने बहुत अच्छा बोला, बहुत अच्छा।”
भाषा किशोर सलीम गोला
गोला