सर्किट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, प्रक्रिया की गई आसान और पारदर्शी

सर्किट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, प्रक्रिया की गई आसान और पारदर्शी

सर्किट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग शुरू, प्रक्रिया की गई आसान और पारदर्शी
Modified Date: March 9, 2026 / 10:22 pm IST
Published Date: March 9, 2026 10:22 pm IST

लखनऊ, नौ मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग के सर्किट हाउस और गेस्ट हाउस की बुकिंग व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग सेवा शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत अब प्रदेश के 21 सर्किट हाउस और 334 गेस्ट हाउस में कमरे ऑनलाइन बुक किए जा सकेंगे। यह जानकारी सोमवार को एक सरकारी बयान से मिली।

बयान के अनुसार बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाने से सर्किट हाउस और गेस्ट हाउस में कमरों की बुकिंग पहले की तुलना में अधिक आसान, पारदर्शी और सुव्यवस्थित हो जाएगी।

बयान के मुताबिक लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के सभी सर्किट हाउस और गेस्ट हाउस में बुकिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके अनुसार इसके लिए विभाग ने एक एकीकृत वेब-आधारित सर्किट हाउस सूचना प्रणाली तैयार की है।

बयान के अनुसार उपयोगकर्ता को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कमरे की उपलब्धता की जानकारी मिलेगी, जिससे यह आसानी से पता किया जा सकेगा कि किस सर्किट हाउस में कितने कमरे उपलब्ध हैं।

बयान के अनुसार यह प्रणाली सर्किट हाउस के कमरों, भोजन और अन्य संसाधनों के प्रबंधन को डिजिटली संचालित करती है, जो पहले ईमेल या कॉल के माध्यम से की जाती थी।

बयान के अनुसार ऑनलाइन बुकिंग के साथ भुगतान और रिकॉर्ड प्रबंधन की व्यवस्था को भी पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है। इसके अनुसार बुकिंग के समय आवेदक को अपना पहचान पत्र या अधिकृत पत्र अपलोड करना होगा। बयान के अनुसार भुगतान ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा तथा भुगतान के बाद ई-मेल एवं एसएमएस के माध्यम से स्वतः रसीद प्राप्त हो जाएगी।

बयान के अनुसार इसके साथ ही डिजिटल रिकार्ड में सभी लेनदेन का रिकॉर्ड रखा जाएगा और राजस्व की निगरानी भी की जाएगी। विभाग के मुख्यालय और जिला स्तर पर केंद्रीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से सभी बुकिंग और राजस्व की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी। बयान के अनुसार इससे राजस्व के नुकसान को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बयान में कहा गया है कि नई व्यवस्था से परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग, राजस्व में वृद्धि, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसमें कहा गया है कि साथ ही आम लोगों को सरल तरीके से सुविधा का लाभ भी मिल सकेगा।

बयान में कहा गया है कि हालांकि, वीआईपी दौरों या प्रशासनिक आवश्यकताओं के मामले में, जिला मजिस्ट्रेट के पास पहले से पुष्टि की गई बुकिंग को रद्द करने का अधिकार रहेगा।

भाषा जफर अमित

अमित


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