‘नकारात्मकता’ छोड़कर सदन में सार्थक चर्चा में योगदान करे विपक्ष : मुख्यमंत्री

'नकारात्मकता' छोड़कर सदन में सार्थक चर्चा में योगदान करे विपक्ष : मुख्यमंत्री

‘नकारात्मकता’ छोड़कर सदन में सार्थक चर्चा में योगदान करे विपक्ष : मुख्यमंत्री
Modified Date: August 3, 2026 / 01:41 pm IST
Published Date: August 3, 2026 1:41 pm IST

लखनऊ, तीन अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र से पहले सभी विपक्षी सदस्यों से सहयोग का आग्रह करते हुए कहा कि वे ‘नकारात्मकता’ को छोड़कर सकारात्मक राजनीति को आगे बढ़ाते हुए सदन में सार्थक चर्चा में योगदान दें।

राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ”मैं सभी जनप्रतिनिधियों से कहूंगा कि वे सदन में स्वस्थ चर्चा-परिचर्चा को बनाए रखने के लिए कार्य करें।”

उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश के हित में विधानमंडल की इस कार्यवाही को शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करने के लिए विपक्षी दलों के साथी ‘नकारात्मकता’ की राजनीति को छोड़कर सकारात्मक राजनीति को आगे बढ़ाएं और उत्तर प्रदेश के विकास और समृद्धि में योगदान दें।

आदित्यनाथ ने कहा कि विधायिका आम जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होती है, जहां हर जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को रख सकता है और सरकार से उसके समाधान का रास्ता निकलवा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस मंच का बेहतर उपयोग हो, यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की सदैव प्राथमिकता रही है।

मुख्यमंत्री ने सत्र से पहले विधानभवन परिसर में सरकार के खिलाफ समाजवादी पार्टी (सपा) सदस्यों द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किये जाने पर उनकी आलोचना भी की।

उन्होंने कहा, ”जिन लोगों के समय में किसानों के हितों पर कुठाराघात हुआ था, जिन्होंने किसानों को खेत की सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया था, जिन्होंने किसानों के हक पर बिचौलियों का वर्चस्व स्थापित कराया, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के किसानों को असुरक्षित करते हुए उनके जीवन में बदहाली लाने का पाप किया था, आज उनका दोहरा चरित्र देखिये… वह आज किसान की बात कह कर उनके जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं।”

समाजवादी पार्टी द्वारा अयोध्या में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को उठाए जाने पर सवाल करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ”आज वे लोग अयोध्या के मुद्दे को उठा रहे हैं, जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं, जो जय श्री राम बोलने पर लाठी और गोली चलाते थे, जिन्होंने श्री राम मंदिर के निर्माण में वकीलों की अपनी फौज न्यायालय में खड़ी करके इस पूरे कार्यक्रम को बाधित करने का प्रयास किया था।’’

उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों और व्यापारियों के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

भाषा सलीम शोभना

शोभना


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