पेपर लीक विवाद: लखनऊ में युवाओं, वकीलों का विरोध-प्रदर्शन, कांग्रेस और सपा ने दिया समर्थन
पेपर लीक विवाद: लखनऊ में युवाओं, वकीलों का विरोध-प्रदर्शन, कांग्रेस और सपा ने दिया समर्थन
लखनऊ, 24 जुलाई (भाषा) प्रतियोगी परीक्षाओं, खासकर नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में शुक्रवार को लखनऊ में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए। छात्र समूहों, वकीलों और विपक्षी दलों ने जवाबदेही और सुधार की मांग की।
बड़ी संख्या में युवाओं ने बैनर, तख्तियां और तिरंगा लेकर विरोध मार्च निकाला। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक एवं परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के लिए कड़े उपायों की मांग की।
कांग्रेस ने दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शनों के समर्थन में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय से जीपीओ स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक कैंडल मार्च निकाला।
वकीलों के एक समूह ने भी स्वास्थ्य भवन चौराहे से परिवर्तन चौक तक मार्च निकाला और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज का विरोध किया।
बाद में 300 से ज़्यादा लोगों ने नीट आंदोलन के समर्थन में परिवर्तन चौक से मार्च निकाला।
समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर अपना अभियान तेज़ कर दिया। पार्टी के लखनऊ कार्यालय के बाहर लगे बड़े होर्डिंग्स में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और लोकसभा सांसद डिंपल यादव की तस्वीरें दिखाई गईं, जिसमें वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए थे। होर्डिंग्स में नेताओं की प्रदर्शनकारियों से बातचीत और आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें भी थीं।
इस बीच, शिक्षक भर्ती के उम्मीदवारों ने आरक्षण से जुड़ी मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों में से एक ने आरोप लगाया कि आरक्षण मामले में उच्चतम न्यायालय के सामने राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दाखिल हलफनामे में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। उन्होंने मांग की कि उम्मीदवारों को न्याय दिलाने के लिए इसे सुधारा जाए और दोबारा दाखिल किया जाए।
भाषा किशोर आनन्द आशीष
आशीष

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