जीएसटी उपायुक्त पद से इस्तीफा देने वाले प्रशांत सिंह के दिव्यांगता प्रमाण पत्र की हो रही जांच

जीएसटी उपायुक्त पद से इस्तीफा देने वाले प्रशांत सिंह के दिव्यांगता प्रमाण पत्र की हो रही जांच

जीएसटी उपायुक्त पद से इस्तीफा देने वाले प्रशांत सिंह के दिव्यांगता प्रमाण पत्र की हो रही जांच
Modified Date: January 28, 2026 / 08:13 pm IST
Published Date: January 28, 2026 8:13 pm IST

मऊ (उप्र), 28 जनवरी (भाषा) प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में अयोध्या के माल एवं सेवा कर (जीएसटी) उपायुक्त पद से इस्तीफा देने वाले प्रशांत सिंह के दिव्यांगता प्रमाण पत्र को लेकर उठे विवाद पर मऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।

सिंह के इस्तीफे के बाद उनके सगे भाई विश्वजीत सिंह ने मीडिया के सामने आकर उनपर फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाने का आरोप लगाया था।

डॉक्टर गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण की जांच स्वास्थ्य विभाग, दिव्यांगजन आयोग और उच्च प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है।

उन्होंने बताया कि उक्त प्रमाण पत्र 2009 में जारी किया गया था जिसकी जांच के लिए 2021 में शिकायत की गई थी और तब से इसकी जांच चल रही है।

गुप्ता ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में वर्ष 2021 से है और तभी से इसकी जांच प्रक्रिया चल रही है और संबंधित व्यक्ति को दो बार मेडिकल बोर्ड के समक्ष बुलाया गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।

उन्होंने बताया कि लगभग 40 फीसदी प्रतिशत दिव्यांगता के आकलन के लिए बोर्ड गठित किया गया था।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 19 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक आधिकारिक पत्र जारी कर स्वास्थ्य महानिदेशक से इस संबंध में दिशा निर्देश मांगे गए थे। शिकायतकर्ता विश्वजीत सिंह को भी इस पत्र की प्रति भेजी गई थी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को आंख से जुड़ी ऐसी बीमारी बताई गई है जो सामान्यत: 50 वर्ष की आयु में भी दुर्लभ मानी जाती है। इस पर सीएमओ ने कहा कि इस विषय में अंतिम और प्रामाणिक राय केवल विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड ही दे सकता है।

डॉक्टर गुप्ता ने कहा, “मुझ पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं है। पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से चल रही है। फिलहाल यह मामला दिव्यांगजन आयुक्त, स्वास्थ्य महानिदेशालय और अन्य संबंधित उच्च संस्थानों के समक्ष लंबित है।”

भाषा सं राजेंद्र

नोमान

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