Barabanki Double Govt Job Scam: एक साथ दो सरकारी नौकरी… 33 साल तक दो विभागों से वेतन लेता रहा ये शख्स, सिस्टम को ऐसे लगाया चूना, अब कोर्ट ने सुनाई ये बड़ी सजा

Barabanki Double Govt Job Scam: एक साथ दो सरकारी नौकरी… 33 साल तक दो विभागों से वेतन लेता रहा ये शख्स, सिस्टम को ऐसे लगाया चूना, अब कोर्ट ने सुनाई ये बड़ी सजा

Barabanki Double Govt Job Scam: एक साथ दो सरकारी नौकरी… 33 साल तक दो विभागों से वेतन लेता रहा ये शख्स, सिस्टम को ऐसे लगाया चूना, अब कोर्ट ने सुनाई ये बड़ी सजा

Barabanki Double Govt Job Scam/Image Source: Symbolic

Modified Date: March 13, 2026 / 08:31 am IST
Published Date: March 13, 2026 8:30 am IST
HIGHLIGHTS
  • 33 साल तक दो सरकारी नौकरियां
  • फर्जी दस्तावेजों से उठाता रहा वेतन
  • अब कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा

Barabanki Double Govt Job Scam: बाराबंकी में फर्जीवाड़े का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे करीब 33 वर्षों तक दो अलग-अलग सरकारी विभागों में नौकरी कर वेतन और भत्ते लिए। मामले का खुलासा होने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 साल की सजा सुनाई है और उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

एक आदमी, दो सरकारी नौकरी! (Barabanki fraud case)

Barabanki Double Govt Job Scam: जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान जय प्रकाश सिंह के रूप में हुई है, जो सतरिख पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नरौली गांव का निवासी है। जांच में सामने आया कि जय प्रकाश सिंह एक ही समय में दो अलग-अलग जिलों के सरकारी विभागों में कार्यरत था और वर्षों तक दोनों जगह से वेतन उठाता रहा।

बताया गया कि आरोपी बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट में शिक्षक के पद पर तैनात था, वहीं दूसरी ओर प्रतापगढ़ जिले में हेल्थ डिपार्टमेंट के अंतर्गत नॉन-मेडिकल असिस्टेंट (NMA) के पद पर भी कार्य कर रहा था। आरोपी ने चतुराई से दोनों विभागों को अंधेरे में रखकर दशकों तक दोहरा लाभ उठाया।

33 साल तक चलता रहा खेल (fake government job case)

Barabanki Double Govt Job Scam: इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब किसी व्यक्ति ने राइट तो इनफार्मेशन एक्ट (RTI) के तहत आरोपी की नियुक्तियों और दस्तावेजों की जानकारी मांगी। जांच में पाया गया कि जय प्रकाश सिंह ने एक ही मार्कशीट और कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दोनों विभागों में नौकरी हासिल की थी।

मामले की सुनवाई के बाद चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट कोर्ट बाराबंकी ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 7 साल के कारावास की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि आरोपी द्वारा अवैध रूप से लिए गए वेतन और भत्तों की वसूली भी की जाएगी।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।