उप्र में “डॉग शेल्टर होम्स” और “एबीसी” केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तेज

उप्र में “डॉग शेल्टर होम्स” और “एबीसी” केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तेज

उप्र में “डॉग शेल्टर होम्स” और “एबीसी” केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तेज
Modified Date: February 6, 2026 / 08:39 pm IST
Published Date: February 6, 2026 8:39 pm IST

लखनऊ, छह फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने आवारा कुत्तों की समस्या और पूरे राज्य में कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर रूख अपनाते हुए, नगर निगमों एवं जिला मुख्यालयों में डॉग शेल्टर होम्स और एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। एक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार शासन स्तर पर इसे प्राथमिकता देते हुए भूमि चिह्नीकरण, बजट निर्धारण और परियोजना स्वीकृति की कार्रवाही एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में दिशा निर्देश जारी की थी।

इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान मानवीय, वैज्ञानिक एवं स्थायी तरीके से किया जाए।

सरकार का मानना है कि डॉग शेल्टर होम एवं एबीसी सेंटर की प्रभावी व्यवस्था से जहां एक ओर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर पशु कल्याण को भी मजबूती मिलेगी।

नगर निगम क्षेत्रों में पहले से संचालित अथवा प्रस्तावित एबीसी सेंटरों के साथ ही डॉग शेल्टर होम विकसित किए जायेंगे। इसके लिए प्रत्येक नगर निगम को निर्देशित किया गया है कि वह उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराए और आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करे।

शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह पूरी प्रक्रिया शीर्ष अदालत की दिशा निर्देशों एवं पशु कल्याण से जुड़े मानकों के अनुरूप की जा रही है।

उप्र सरकार ने डॉग शेल्टर होम के लिए अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार प्रति शेल्टर होम 470 लाख रुपये से लेकर 531 लाख रुपये तक लागत आने का अनुमान है।

भाषा आनन्द रंजन

रंजन


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