फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ संभल में प्रदर्शन, मुख्य कलाकारों पर प्राथमिकी दर्ज

फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ संभल में प्रदर्शन, मुख्य कलाकारों पर प्राथमिकी दर्ज

फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ संभल में प्रदर्शन, मुख्य कलाकारों पर प्राथमिकी दर्ज
Modified Date: February 18, 2026 / 08:15 pm IST
Published Date: February 18, 2026 8:15 pm IST

संभल (उप्र), 18 फरवरी (भाषा) फिल्म ‘‘यादव जी की लव स्टोरी’’ के खिलाफ संभल जिले में यादव समुदाय के लोगों ने बुधवार को प्रदर्शन किया और कहा कि यह फिल्म सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने के साथ-साथ समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है।

पुलिस के मुताबिक, एक स्थानीय निवासी की शिकायत के बाद फिल्म के निर्माता, निर्देशक और मुख्य कलाकारों के खिलाफ धनारी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

गंवा मार्ग पर खिरनी क्रॉसिंग के पास हुए इस प्रदर्शन के दौरान विभिन्न गांवों के लोगों ने सांकेतिक विरोध के तौर पर फिल्म के पोस्टर जलाए और फिल्म की रिलीज पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की।

प्राथमिकी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने फिल्म की 27 फरवरी को रिलीज पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि इसकी कहानी उनकी और यादव समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि फिल्म में एक यादव लड़की और दूसरे धर्म के लड़के के बीच प्रेम संबंध का चित्रण इस तरह से प्रस्तुत किया गया है, जो नफरत फैला सकता है और सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ सकता है।

पुलिस ने कहा, ‘‘शिकायत के आधार पर, फिल्म के निर्माता संदीप तोमर, निर्देशक अंकित भड़ाना, अभिनेत्री प्रगति तिवारी और अभिनेता विशाल मोहन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

इससे पहले, प्रदर्शन में शामिल देवेंद्र यादव ने कहा कि भारत भाईचारे का देश है और ऐसी फिल्म सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ेगी और अशांति पैदा करेगी।

एक अन्य प्रदर्शनकारी बृजेश यादव ने कहा, ‘‘हम फिल्म के खिलाफ उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा रहे हैं। हम 21 फरवरी को जिला स्तर पर एक ज्ञापन देंगे और रैली निकालेंगे। फिल्म के निर्माता और निर्देशक को इस फिल्म की रिलीज रोक देनी चाहिए क्योंकि यह यादव समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है।’’

प्रदर्शनकारी जीत पाल ने दावा किया कि फिल्म में ऐसी घटनाएं दिखाई गई हैं जो कभी हुईं ही नहीं और वे यादव समुदाय को गलत तरीके से निशाना बनाती हैं।

फिल्म निर्माताओं की तरफ से इस सिलसिले में अभी कोई बयान नहीं आया है।

हाल ही में फिल्म ‘‘घूसखोर पंडत’’ के शीर्षक को लेकर भी विवाद हुआ था। इसे रिलीज करने जा रहे ओटीटी प्लेटफॉर्म ने दिल्ली उच्च न्यायालय में कहा था कि इस फिल्म का नाम बदला जाएगा। फिल्म के खिलाफ दायर एक याचिका में आरोप लगाया गया था कि यह शीर्षक आपत्तिजनक और मानहानिकारक है।

भाषा सं. सलीम जफर शफीक शफीक

शफीक


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