जनसेवा, सुरक्षा व सुशासन सरकार का संकल्पः योगी आदित्यनाथ

जनसेवा, सुरक्षा व सुशासन सरकार का संकल्पः योगी आदित्यनाथ

जनसेवा, सुरक्षा व सुशासन सरकार का संकल्पः योगी आदित्यनाथ
Modified Date: May 18, 2026 / 12:11 pm IST
Published Date: May 18, 2026 12:11 pm IST

लखनऊ, 18 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि जनसेवा, सुरक्षा व सुशासन सरकार का संकल्प है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, व्यस्ततम दिनचर्या के बीच सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों से मिले और हर किसी की समस्या सुनी। मुख्यमंत्री ने सभी से कहा कि “जनसेवा, सुरक्षा व सुशासन सरकार का संकल्प है। आपकी हर उचित समस्या का समाधान होगा।”

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर समस्याओं के निस्तारण का भी निर्देश दिया। ‘जनता दर्शन’ में बिहार से भी एक महिला मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने उनका अभिवादन कर कुशलक्षेम पूछा।

योगी ने सभी के प्रार्थना पत्र लेने के उपरांत सम्बंधित जनपदों के अधिकारियों को प्रकरण की जांच कराकर पीड़ितों को न्याय दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक स्वयं मामलों पर नजर रखें और पीड़ितों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिया कि पूरी तत्परता व संवेदनशीलता से सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सभी को न्याय मिले। उन्होंने कहा कि हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए।

‘जनता दर्शन’ में योगी की प्रशंसक एक महिला बिहार से आई थीं। मुख्यमंत्री सभी की समस्या सुनते हुए उनके पास भी पहुंचे और पूछा कि वह कहां से आई हैं, उनको क्या परेशानी है। इस पर महिला ने कहा- “महाराज जी, प्रणाम। हम बिहार से आइल बानी। हमके कवनो दिक्कत नाही बा। बस, आपके दर्शन करेके रहल, त आ गइलीं।”

इस पर योगी ने उनका अभिवादन किया, फिर कहा कि “गर्मी बहुत पड़ रही है। इस भीषण गर्मी में अकारण घर से न निकलें और परिवार के सभी लोगों का भी विशेष ध्यान रखें।”

भाषा आनन्द मनीषा

मनीषा


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