लखनऊ, 17 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री रामाश्रय कुशवाहा बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए।
कुशवाहा ने सपा राज्य मुख्यालय पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा का दामन थामा और अखिलेश को एक बार फिर राज्य का मुख्यमंत्री बनाने की प्रतिज्ञा ली।
सपा अध्यक्ष ने पार्टी में उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से सपा और मजबूत होगी, पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की ताकत और बढ़ेगी और साथ ही सामाजिक न्याय के राज की स्थापना में सहयोग मिलेगा।
अन्य पिछड़े वर्ग के बड़े नेता माने जाने वाले कुशवाहा उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं और उनकी करीब 13 साल बाद सपा में वापसी ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं।
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे कुशवाहा सपा के राष्ट्रीय महासचिव थे, मगर सितंबर 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर पार्टी से अलग रुख अपनाने के आरोप में उन्हें पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गये थे।
सपा में वापसी के बाद कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव को दोबारा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की प्रतिज्ञा ली है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस बात का संकल्प लें कि जब तक सपा अध्यक्ष मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, तब तक वे घर में चैन से नहीं बैठेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता यही चाहती है कि अखिलेश एक बार फिर प्रदेश की बागडोर संभालें।
कुशवाहा ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि वह अपने घर में दोबारा वापसी कर रहे हैं।
इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल और निषाद पार्टी के भी कई नेता सपा में शामिल हुए।
भाषा सलीम संतोष
संतोष