UP News: त्योहारों से पहले गड्ढामुक्त होगी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सड़कें, बिजली व्यवस्था भी दुरुस्त करने के निर्देश, मंत्री एके शर्मा ने ली अफसरों की बैठक

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त्योहारों से पहले गड्ढामुक्त होगी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सड़कें, Roads in flood-affected areas will be pothole-free before the festivals.

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 10:09 PM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 10:09 PM IST

लखनऊ: UP News प्रदेश में लगातार हुई अतिवृष्टि के बाद जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने और आगामी त्योहारों के मद्देनजर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने राहत एवं निगरानी कार्य तेज कर दिए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता से जल निकासी कराने और पानी निकलने के बाद तत्काल सफाई व सैनिटाइजेशन कराने को कहा गया है, ताकि संचारी रोगों की आशंका को रोका जा सके। साथ ही प्रमुख सड़कों एवं मार्गों को गड्ढामुक्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

UP News बैठक में मंत्री एके शर्मा ने विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में जलभराव, जल निकासी, साफ-सफाई और रोगों से बचाव के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों को देखते हुए नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता और जनसुविधाओं को और बेहतर किया जाए। प्रमुख सड़कों और मार्गों को गड्ढामुक्त करने के साथ धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रमुख मार्गों पर आवश्यकतानुसार सुशोभन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

ऊर्जा विभाग की समीक्षा में मंत्री शर्मा ने शासन और सभी डिस्कॉम के उच्च अधिकारियों के साथ मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर तक के अधिकारियों से वर्चुअल बैठक कर अतिवृष्टि एवं प्राकृतिक आपदा से प्रभावित विद्युत अवसंरचना की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य करने के लिए अतिरिक्त मशीनरी, उपकरण और मैनपावर लगाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारु है, लेकिन जहां जलभराव या अन्य कारणों से आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बहाली में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी रखते हुए स्थानीय परिस्थितियों का आकलन किया जाए। क्षतिग्रस्त लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत अवसंरचना की मरम्मत का कार्य तेजी से पूरा किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।