सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों को तोड़े जाने से बचाने की अपील की

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों को तोड़े जाने से बचाने की अपील की

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों को तोड़े जाने से बचाने की अपील की
Modified Date: July 19, 2026 / 05:25 pm IST
Published Date: July 19, 2026 5:25 pm IST

लखनऊ, 19 जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को तोड़े के प्रस्तावित कदम के खिलाफ़ जारी अभियान का समर्थन किया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से संस्थान को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर छात्रों और अभिभावकों को संबोधित एक पोस्ट में कहा “जौहर विश्वविद्यालय को बचाने की युवाओं और उनके अभिभावकों की मुहिम में, हम सब पूरी तरह से आपके साथ हैं।”

उन्होंने कहा, “बदले की भावना में जल रही भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे। इस दुर्भावनापूर्ण पक्षपाती फ़ैसले के ख़िलाफ़, हमारे साथ हमारा छोटे-से-छोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़े-से-बड़ा नेता और वो सब हज़ारों बच्चे व उनके मेहनतकश माता-पिता भी हैं जिनके सपने पर बुलडोज़र चलाने की भाजपा सरकार निकृष्ट कोशिश कर रही है।”

यादव ने कहा, “हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है, हम ‘शिक्षा के मंदिर’ को बचाने के लिए देशवासियों से अपील करते हैं कि वो हमारे साथ आएं।”

उन्होंने कहा कि “विश्वविद्यालय में हर समाज के बच्चे पढ़ते हैं, क्या भाजपा अब हर समाज के युवाओं के विरुद्ध हो गई है। भाजपा का अहंकार ही ये सब गलत काम करा रहा है। अगर कहीं कुछ काग़ज़ी कमी है भी तो उसके काग़ज़ पूरे करके यूनिवर्सिटी को बचाया जाए और छात्रों के भविष्य को भी।”

उन्होंने कहा कि “यहां ग़रीबों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वो भाजपाइयों की तरह अपने बच्चों को महंगे विश्वविद्यालय या विदेश में पढ़ा सकें। जिनके न परिवार हैं न बच्चे,वो परिवारवालों का दर्द क्या जानें। अगर भाजपा के मन में बच्चों, युवाओं, उनके परिवार-परिजनों व समाज के लिए रत्ती भर भी सहानुभूति होती तो वो ज़ुल्म और नाइंसाफ़ी से भरी इस विध्वंसक कार्रवाई का तत्काल कोई विकल्प ढूंढती।”

सपा प्रमुख ने पोस्ट में दावा किया, “सच तो ये है कि भाजपा शिक्षा के ही विरुद्ध है क्योंकि शिक्षित लोग जागरूक और प्रगतिशील होते हैं , वो अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ भी उठाते हैं और सवाल भी, जो दक़ियानूसी सोचवाली दमनकारी भाजपा की सत्ता को जरा भी रास नहीं आता है।”

उन्होंने कहा “इसीलिए भाजपाई और उनके संगी-साथी, गाँव-गाँव में प्राथमिक विद्यालय तथा अन्य स्थानों पर विश्वविद्यालय तक बंद करवाने की भूमिगत योजना बनाते रहते हैं। भाजपाई जानते हैं कि पढ़-लिखकर लोग नौकरी-रोज़गार माँगेंगे, जो भाजपा सरकार देना ही नहीं चाहती है।”

यादव ने कहा “नौकरी-भर्ती भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। जब हमारे प्राइमरी स्कूल बंद किये गये तो हमारे सजग शुभचिंतकों ने ‘पीडीए पाठशाला’ खोलकर, भाजपाई साज़िश नाकाम कर दी थी, इसीलिए अब उनके निशाने पर यूनिवर्सिटी आ गई है।”

उन्होंने कहा कि “जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रहा ये हमला, हर समाज के विद्यार्थियों के विरुध्द भाजपाई संगी-साथियों की एक बेहद घिनौनी साज़िश है। उन अपंजीकृत लोगों के अपने सभी स्कूल-विद्यालय चल रहे हैं लेकिन दूसरों पर प्रतिशोध की भावना से एकतरफ़ा कार्रवाई का षड्यंत्र रचा जा रहा है।अति निंदनीय!”

सपा प्रमुख ने यह बयान रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को ढहाने का आदेश देने के कुछ दिनों बाद आया है।

प्राधिकरण का कहना है कि ये इमारतें बिना मंज़ूरी के बनाई गई थीं। विश्वविद्यालय ने इस कार्रवाई को चुनौती दी है और कहा है कि ये इमारतें तब बनाई गई थीं जब यह इलाका प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र से बाहर था।

भाषा आनन्द

जितेंद्र जोहेब

जोहेब


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