उप्र को निवेश का केंद्र बनाने के लिये एकल खिड़की प्रणाली को और मजबूत किया जाए: योगी आदित्यनाथ

Ads

उप्र को निवेश का केंद्र बनाने के लिये एकल खिड़की प्रणाली को और मजबूत किया जाए: योगी आदित्यनाथ

  •  
  • Publish Date - April 12, 2025 / 12:04 AM IST,
    Updated On - April 12, 2025 / 12:04 AM IST

लखनऊ, 11 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को निवेश का केंद्र बनाने के लिये एकल खिड़की प्रणाली को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिये हैं। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।

बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ‘इन्वेस्ट यूपी’ प्रदेश को निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके तहत फरवरी 2023 में आयोजित ‘ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी’ में रिकार्ड 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश उत्तर प्रदेश में हुआ।

योगी के ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘इन्वेस्ट यूपी’ की पुनर्संरचना की जा रही है। इस क्रम में योगी ने समीक्षा बैठक में ‘इन्वेस्ट यूपी’ के निवेश मित्र, एकल खिड़की संचालन प्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया, ताकि प्रदेश में निवेश करने वाले उद्यमियों को आसानी से मंजूरी मिल सके और अधिक से अधिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) को धरातल पर उतारा जा सके।

बयान में कहा गया है कि ‘इन्वेस्ट यूपी’ को और अधिक प्रभावशाली बनाने और प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश को आकर्षित करने के लिये निवेश मित्र, एकल खिड़की संचालप प्रणाली की सभी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में योगी के निर्देशों के मुताबिक ‘एकल खिड़की अधिनियम, 2024’ को प्रभावी तौर पर लागू किया जा रहा है। साथ ही इस माह से ही ‘सिस्टम एग्रीगेटर’ की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, ताकि अलग-अलग विभागों के डाटा का एकत्रिकरण कर उनका एक ही स्थान पर निराकरण किया जा सके।

प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अधिनियम के मुताबिक अनावश्यक विलंब की स्थिती में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने व उच्च स्तर के अधिकारियों तक सीधे ऑनलाइन शिकायत प्रस्तुत की जा सकने की सुविधा प्रदान की गयी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक भूमि के लिए जीआईएस डाटा बैंक बनाने के भी निर्दश दिये हैं, जो कि शीघ्र ही सुचारू रूप से उपयोग में लाया जा सकेगा।

भाषा आनन्द सुरभि

सुरभि