अयोध्या पर बोलने का सपा और कांग्रेस को कोई अधिकार नहीं : पाठक

अयोध्या पर बोलने का सपा और कांग्रेस को कोई अधिकार नहीं : पाठक

अयोध्या पर बोलने का सपा और कांग्रेस को कोई अधिकार नहीं : पाठक
Modified Date: July 6, 2026 / 01:02 pm IST
Published Date: July 6, 2026 1:02 pm IST

लखनऊ, छह जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार की आलोचना करने वाले विपक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि ‘तुष्टीकरण’ की राजनीति करने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने हमेशा मंदिर निर्माण का विरोध किया।

पाठक ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में अयोध्या की हालिया घटना को ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए विपक्ष पर इस मामले के राजनीतिकरण की कोशिश करने का आरोप लगाया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ”अयोध्या धाम में जो हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन पूरा देश और हर सनातनी यह जानता है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने हमेशा राम मंदिर का विरोध किया है।”

उन्होंने कहा, ”सपा और कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों को खुश करने की राजनीति की है और उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे।”

पाठक ने कहा, ”ये वही लोग हैं जिन्होंने निहत्थे रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और अयोध्या को रक्तरंजित कर दिया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को अयोध्या धाम पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस बात पर भी सवाल उठाए थे कि क्या भगवान राम का जन्म वाकई अयोध्या में हुआ था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय के सामने भी ऐसा ही रुख अपनाया था।

पाठक ने सपा कार्यकर्ताओं के एक कथित वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया है कि भगवान राम फिर से अयोध्या छोड़कर वनवास चले गये हैं। उन्होंने कहा, ”सपा ने हमेशा भगवान राम के खिलाफ बेबुनियाद टिप्पणियों के जरिए सनातन संस्कृति को बदनाम करने की साजिश रची है।”

पाठक ने कथित तौर पर बाबरी मस्जिद के लिए इकट्ठा किए गए दान के इस्तेमाल पर सवाल उठाए और वक्फ से जुड़े मामलों में गड़बड़ी का आरोप लगाया।

उन्होंने पूछा, ”समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि बाबरी मस्जिद के लिए इकट्ठा किया गया दान कहां गया। वे वक्फ में घोटालों और मदरसों के लिए फंडिंग के स्रोत पर चुप क्यों हैं?”

पाठक ने विपक्षी दलों पर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की जनता ‘सनातन संस्कृति को बदनाम करने’ की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेगी।

भाषा सलीम वैभव

वैभव


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