लखनऊ, 10 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश विधान परिषद में समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य मुकुल यादव के ‘फर्जी’ हस्ताक्षर से एक सवाल प्रस्तुत किये जाने का मामला सामने आने के बाद सभापति ने इसकी जांच के आदेश दिये हैं।
विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए सोमवार को ‘पीटीआई—भाषा’ को बताया कि सपा के विधान परिषद सदस्य मुकुल यादव के नाम से गत पांच अगस्त को विधान परिषद में नियम—111 के तहत लोक महत्व के प्रश्न से सम्बन्धित पत्र दिया गया था, जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बारे में सवाल उठाये गये थे।
उन्होंने बताया कि बाद में सपा सदस्य मुकुल यादव ने कहा कि उन्होंने तो यह प्रश्न दिया ही नहीं है और जो पत्र दिया गया है उसमें उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं।
सिंह ने बताया कि इस पर उन्होंने गत छह अगस्त को विधान परिषद के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर मामले की जांच के आदेश दिये हैं।
उन्होंने बताया कि जिस जगह पर प्रश्न दाखिल किये जाते हैं, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जाएगी कि वह पत्र किसने दिया था और अगर विधान परिषद के किसी कर्मचारी ने ऐसा किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बारे में सपा सदस्य मुकुल यादव से सम्पर्क करने की कोशिश की गयी लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
विधान परिषद के सूत्रों ने बताया कि मुकुल यादव के कथित हस्ताक्षर से पूछे गये सवाल पर परिषद ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट मांगी थी और जब महकमे ने यादव से पूछा तो यह मालूम हुआ कि उन्होंने तो ऐसा कोई प्रश्न पूछा ही नहीं है।
उन्होंने बताया कि जब मुकुल यादव द्वारा ही पूछे गये अन्य प्रश्नों में उनके दस्तखत अलग पाये गये तो उनसे इसकी पुष्टि की गयी, तब सारा मामला उजागर हुआ।
भाषा सलीम रंजन
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