Jharkhand Paper Leak | Photo Credit: AI
रांची: Jharkhand Paper Leak झारखंड में पेपर धांधली को लेकर लगातार छात्रों को प्रदर्शन जारी है। JPSC-JSSC परीक्षा में (JPSC JSSC Paper Leak) कथित अनियमितता की जांच की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से छात्रों का प्रदर्शन जारी है। तो वहीं दूसरी ओर परीक्षा में हुई धांधली की जांच में बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं। झारखंड परीक्षा धांधली की जांच सीआईडी कर रही है।
Jharkhand Paper Leak जांच में खुलासा हुआ है कि अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली की गई थी। कई अभ्यर्थियों से 12-12 लाख रुपए वसूले गए थे और सिर्फ बोकारो में अभय तिवारी सहित 15 छात्रों को पेपर रटवाया गया था और जहां छात्रों ने 12-12 लाख रुपए यानी कुल एक करोड़ 80 लाख रुपए वसूले गए थे।
यह वही अभय तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी है, जिसे सीआईडी ने जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वह जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसीी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर है। सीआईडी को पूछताछ में उसने अपने स्वीकारोक्ति बयान में यह खुलासा किया है।
अक्षय तिवारी ने बताया कि जेएसएससी परीक्षा के बायोमीट्रिक का काम उसकी कंपनी टीडीपीएल को मिल रहा था। दर कम होने के चलते टीडीपीएल ने मना कर दिया था। इसके बाद जेएसएससी ने टीडीपीएल को डी-इंपैनल कर दिया था। इसके बाद परीक्षा कराने की जिम्मेदारी वेबेल को मिला था। इस कंपनी का मालिक मिथिलेश सिंह और सहयोगी खूंटी निवासी उमाकांत प्रमाणिक था। वेबेल को ही बायोमीट्रिक के अलावा प्रश्न पत्रों की छपाई का काम मिला था। अभय तिवारी ने दोनों से संपर्क कर परीक्षा का प्रश्न व उत्तर ले लिया था।