सपा की लाल टोपी और नीला लिबास, काली करतूतें ढकने का नया प्रयास: केशव प्रसाद मौर्य

सपा की लाल टोपी और नीला लिबास, काली करतूतें ढकने का नया प्रयास: केशव प्रसाद मौर्य

सपा की लाल टोपी और नीला लिबास, काली करतूतें ढकने का नया प्रयास: केशव प्रसाद मौर्य
Modified Date: September 12, 2026 / 02:11 pm IST
Published Date: September 12, 2026 2:11 pm IST

लखनऊ, 12 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) की लाल टोपी और छात्र शाखा में नीला परिधान अपनाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि यह ‘काली करतूतों’ को ढकने का नया प्रयास है।

उप मुख्‍यमंत्री मौर्य ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के अपने आधिकारिक हैंडल पर सपा का नाम लिए बिना एक पोस्‍ट में कहा,‘‘लाल टोपी, नीला लिबास-काली करतूतें ढकने का नया प्रयास!’’

मौर्य ने सपा द्वारा अपनी छात्र सभा के लिए नये ‘ड्रेस कोड’ के लिए नीले रंग को चुने जाने और पहले से ही ‘लाल टोपी’ धारण करने पर यह प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है। इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और शुक्रवार को बसपा प्रमुख मायावती ने भी सपा पर तीखा प्रहार किया था।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को विपक्षी दलों खासतौर पर समाजवादी पार्टी पर अपनी पार्टी के परंपरागत नीले रंग को अपनाने को लेकर तंज कसते हुए कहा कि ‘‘इससे न तो इनकी संकीर्ण सामंती सोच बदलने वाली और न ही ये लोग दिल से आंबेडकरवादी होने वाले हैं।’’

सपा प्रमुख और पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को घोषणा की थी कि पार्टी की छात्र इकाई ‘छात्र सभा’ ने नीली टी-शर्ट और जींस को नये ‘ड्रेस कोड’ के तौर पर अपनाया है।

यादव ने सपा ‘छात्र सभा’ के नये ‘ड्रेस कोड’ के लिए नीले रंग को चुने जाने के पीछे की वजह बताते हुए कहा था कि नीला रंग विचारधारा, लोकतंत्र, संविधान, आकाश, ‘बहुजन समाज’ और बाबासाहेब आंबेडकर से जुड़ा हुआ है।

इससे पहले, सपा ‘छात्र सभा’ के कार्यकर्ता लाल शर्ट या कुर्ता पहनते थे।

भाषा आनन्द नेत्रपाल धीरज

धीरज


लेखक के बारे में