महिला सशक्तिकरण के बिना सशक्त समाज और राजनीतिक विकास संभव नहीं: विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना

Ads

महिला सशक्तिकरण के बिना सशक्त समाज और राजनीतिक विकास संभव नहीं: विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना

  •  
  • Publish Date - April 30, 2026 / 08:16 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 08:16 PM IST

लखनऊ, 30 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बृहस्पतिवार को ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर बुलाए गए एक दिवसीय विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना सशक्त समाज और राजनीतिक विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

महाना ने कहा, ‘‘आज सदन में महिलाओं के सशक्तिकरण पर सार्थक चर्चा हुई। यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे सदन और पूरे समाज का विषय है। सभी दलों को मतभेदों से ऊपर उठकर इस पर चिंतन करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, “महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष प्रावधान जरूरी हैं और इस विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। महिलाओं के उन्नयन और स्थिति सुधारने के लिए हम सभी चिंतित हैं। सर्वसम्मति से प्रयास की आवश्यकता है।’’

विधानसभा अध्यक्ष ने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘प्राचीन भारत में महिलाओं की उपस्थिति सम्मानजनक और सुदृढ़ थी। वे सभा और समितियों में समान रूप से भाग लेती थीं। भारत की परंपरा में महिलाओं को विशेष स्थान प्राप्त था, लेकिन करीब एक हजार वर्ष के विदेशी शासन में उनकी स्थिति कमजोर हुई। अस्मिता बचाने के लिए उन्हें पीछे हटना पड़ा।’’

महाना ने कहा, ‘‘आज जब भारत स्वतंत्र है और लोकतंत्र के पथ पर अग्रसर है, तो हमें अपनी पुरानी विरासत को मजबूत कर महिलाओं को मुख्यधारा में लाना होगा। इसके लिए विशेष कदम उठाने जरूरी हैं।’’

उन्होंने बताया कि अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सदन में महिलाओं को अपेक्षित महत्व दिलाने का प्रयास किया है इसलिए इसके पहले पूरा एक दिन सदन का संचालन महिलाओं द्वारा सुनिश्चित किया गया।

महाना ने कहा, “सदन में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए जाने चाहिए। महिलाओं को एक दिन का सदन समर्पित करने का विचार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का था। इससे भविष्य में भी सार्थक संवाद होगा। आशा है कि इस दिशा में अपेक्षित कानून बनाने में सबका सहयोग मिलेगा।’’ भाषा आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र