swami avimukteshwaranad news: ‘स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से बड़ा हिन्दू समाज का कोई संत नहीं’, मौनी अमावस्या पर हुए विवाद ने पकड़ा तूल, शंकराचार्य के भक्तों के वीडियो हो रहे वायरल

swami avimukteshwaranad news: स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना करने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है।

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 01:14 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 01:33 PM IST

swami avimukteshwaranad news/Image Credit: IBC24 File Photo

HIGHLIGHTS
  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या पर स्नान करने से किया था इनकार।
  • अब मामले ने पकड़ा तूल।
  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर लगाए हैं गंभीर आरोप।

swami avimukteshwaranad news: प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले का आयोजन किया गया है। रविवार मौनी अमावस्या पर करोड़ों श्रद्धालु स्नान करने के लिए संगम पहुंचे थे। इस दौरान कुछ ऐसा हुआ जो चर्चा का विषय बन गया है और अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। दरअसल, स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना कर दिया था और (Shankaracharya news) अपनी पालकी बीच रास्ते से ही अखाड़े की तरफ लौटा दी थी।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों दी प्रतिक्रिया

swami avimukteshwaranad news:  वहीं अब इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Shankaracharya Avimukteshwaranand) के शिष्यों के भी बयान सामने आया है। अनुराग नाम के एक शिष्य ने कहा कि, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से बड़ा हिन्दू समाज का कोई संत नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान देश के सभी हिन्दुओं का अपमान है। वहीं एक शिष्य ने फोन पर रोते हुए कहा कि, गुरुवर रथ पर केवल इसलिए जा रहे थे क्योंकि व्यवस्था खराब न हो उन्हें उतारने की जरूरत क्यों आन पड़ी? अविमुक्तेश्वरानंद (swami avimukteshwaranad news)  का कहना है कि, मेरे अपमान का आदेश ऊपर से आया था। ऊपर से माने कौन किसने दिया?

क्या है पूरा मामला?

swami avimukteshwaranad news:  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपनी पालकी से अखाड़े से निकलकर संगम नोज पर जा रहे थे और इसी दौरान उनके शिष्यों और उत्तर प्रदेश सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई।(swami avimukteshwaranad news)  देखते ही देखते बहस धक्कामुक्की में बदल गई। बिगड़ते हालात को देखते हुए स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान से इनकार कर दिया। इस मामले में स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान भी सामने आया था। इस बयान में उन्होंने कहा था कि, ”मेरे शिष्यों से मारपीट हो रही है। अधिकारी मारने का इशारा कर रहे हैं, इसलिए स्नान नहीं किया।

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या पर स्नान क्यों नहीं किया?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने शिष्यों के साथ हुई धक्कामुक्की और मारपीट की स्थिति को देखते हुए स्नान से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि हालात बिगड़ रहे थे और शिष्यों की सुरक्षा खतरे में थी।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी जब संगम नोज की ओर जा रही थी, तभी उनके शिष्यों और यूपी सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता के बीच मार्ग और व्यवस्था को लेकर बहस हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की में बदल गई।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों ने इस घटना पर क्या कहा?

शिष्यों का कहना है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान पूरे हिंदू समाज का अपमान है। कुछ शिष्यों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके गुरु के अपमान का आदेश ऊपर से दिया गया था।

क्या स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मामले पर खुद कोई बयान दिया है?

हाँ, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था कि उनके शिष्यों से मारपीट हो रही थी और अधिकारियों की ओर से धमकी भरे इशारे किए गए, इसलिए उन्होंने स्नान नहीं किया।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद का माघ मेले पर क्या असर पड़ा?

इस घटना के बाद माघ मेले की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक भूमिका पर सवाल उठे हैं और मामला धार्मिक व राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

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