देश को ‘विश्वगुरु’ बनना था लेकिन बन गया ‘विश्वचेला’ : भगवंत मान

देश को ‘विश्वगुरु’ बनना था लेकिन बन गया ‘विश्वचेला’ : भगवंत मान

देश को ‘विश्वगुरु’ बनना था लेकिन बन गया ‘विश्वचेला’ : भगवंत मान
Modified Date: March 29, 2026 / 11:01 pm IST
Published Date: March 29, 2026 11:01 pm IST

मेरठ (उप्र), 29 मार्च (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश को ‘विश्वगुरु’ बनना था, लेकिन वह तो ‘विश्वचेला’ बन गया है।

उन्होंने मेरठ के सकौती गांव में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि भारत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आदेश चलता है और देश की नीतियां बाहरी दबाव में प्रभावित होती दिखती हैं।

मान ने कहा कि देश को आजाद हुए करीब 80 साल हो चुके हैं, लेकिन अब भी बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘विदेशों में लोग मंगल ग्रह पर जाने की बात कर रहे हैं, जबकि हम शहरों में सीवर के ढक्कन तक नहीं लगा पाए हैं।’’

पंजाब के मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने आम लोगों, खासकर किसानों और गरीबों की समस्याओं पर गंभीरता से काम नहीं किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए मान ने कहा, ‘‘अगर देश की किस्मत नहीं बदल सकते तो कम से कम भाषण तो बदल लो।’’

उन्होंने कहा कि हर साल एक जैसे भाषण दिए जाते हैं जिनमें आतंकवाद और महंगाई पर चिंता जताई जाती है लेकिन जमीनी बदलाव नजर नहीं आता।

मान ने यह भी आरोप लगाया कि लोगों को डराने की कोशिश की जाती है, लेकिन जनता अब जागरूक हो चुकी है।

इस बीच, कार्यक्रम के बाद प्रतिमा के शिलालेख से ‘जाट’ शब्द हटे होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया और बिरादरी के लोगों ने करीब 45 मिनट तक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि प्रशासन ने जानबूझकर उनकी बिरादरी का अपमान किया है।

नागौर से सांसद हनुमान बेनिवाल ने भी मंच से प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस ने जाट शब्द हटाया है, जरूरत पड़ी तो बड़ा कदम उठाया जाएगा।

प्रतिमा अनावरण के दौरान भीड़ अधिक होने से अव्यवस्था की स्थिति बन गई और भगवंत मान प्रतिमा का अनावरण किए बिना ही लौट गए। बाद में भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने प्रतिमा का अनावरण किया।

सूचना मिलने पर सरधना के उपजिलाधिकारी उदित नारायण सेंगर मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि ‘जाट’ शब्द वाला शिलापट्ट ‘कहीं खो गया है’, जिसे खोजकर 10 दिन में दोबारा लगा दिया जाएगा।

इस पर अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रशासन ने 10 दिन का समय मांगा था, लेकिन बिरादरी ने 15 दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में ‘जाट’ शब्द वाला शिलापट्ट नहीं लगाया जाता तो 16वें दिन पंचायत कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

भाषा सं. सलीम गोला

गोला


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