श्रद्धा, मनोरंजन व रोजगार का संगम है गोरखनाथ मंदिर का खिचड़ी मेला
श्रद्धा, मनोरंजन व रोजगार का संगम है गोरखनाथ मंदिर का खिचड़ी मेला
गोरखपुर, छह जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गोरखनाथ मंदिर में वार्षिक खिचड़ी मेले की तैयारियां पूरी हो गई हैं। यह मेला मकर संक्रांति से पहले शुरू होता है और एक महीने से ज़्यादा समय तक चलता है।
एमजी कॉलेज के प्राचार्य प्रदीप राव ने कहा कि इस मेले को धार्मिक आस्था, लोकप्रिय मनोरंजन और स्थानीय लोगों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार का एक अनोखा संगम माना जाता है।
मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में लगने और इससे पखवाड़ा पूर्व शुरू होकर माह भर से अधिक समय तक चलने वाला खिचड़ी मेला श्रद्धा, मनोरंजन और रोजगार का संगम है।
गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी के रूप में चढ़ाए जाने वाला अन्न सालभर जरूरतमंदों में वितरित किया जाता है। मंदिर के अन्न क्षेत्र में कभी भी कोई जरूरतमंद पहुंचा, खाली हाथ नहीं लौटा। ठीक वैसे ही, जैसे बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाकर मन्नत मांगने वाला कभी निराश नहीं होता।
मंदिर में खिचड़ी का यह पर्व इस वर्ष 15 जनवरी को मनाया जाएगा।
मकर संक्रांति के पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर नाथ पंथ की विशिष्ट परंपरानुसार गुरु गोरखनाथ को लोक आस्था की खिचड़ी चढ़ाकर समूचे जनमानस की सुख समृद्धि की मंगल कामना करते हैं।
उत्तर प्रदेश, बिहार तथा देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी लाखों की तादाद में श्रद्धालु शिव अवतारी बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाते हैं।
मकर संक्रांति के दिन भोर में सबसे पहले गोरक्षपीठ की तरफ से पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ खिचड़ी चढ़ाकर बाबा को भोग अर्पित करते हैं। तत्पश्चात नेपाल के राजपरिवार की ओर से आई खिचड़ी बाबा को चढ़ाई जाती है। इसके बाद मंदिर के कपाट खोल दिए जाते हैं और जनसामान्य की आस्था खिचड़ी के रूप में निवेदित होनी शुरू हो जाती है।
खिचड़ी महापर्व को लेकर मंदिर व मेला परिसर सज धजकर तैयार है। प्रशासन के साथ ही मंदिर प्रबंधन की तरफ से श्रद्धालुओं के ठहरने और अन्य सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया गया है।
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी अब तक तीन बार खिचड़ी मेले की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं।
भाषा
सं, जफर
रवि कांत

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