गोरखपुर (उप्र), 10 जनवरी (भाषा) गोरखपुर में शुक्रवार शाम को एक 17 साल की लड़की द्वारा सोशल मीडिया पर ‘लाइव’ आत्महत्या करने का प्रयास किये जाने की जानकारी मिलने पर जिला पुलिस ने तेजी दिखाई और किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए तुरंत लड़की के पास पहुंच गई, लेकिन जांच करने पर पूरा मामला झूठा निकला।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में लड़की कुछ दवा जैसी चीज पकड़े हुए थी और उसे पानी के साथ खा रही थी, जबकि इसके साथ उदासी वाले भाव को दर्शाने वाला गाना बज रहा था। इस वीडियो के आधार पर ही ‘मेटा एआई’ ने गोरखपुर पुलिस को स्वचालित अलर्ट भेजा।
वीडियो के साथ पोस्ट में लड़की ने अपने दोस्तों के लिए एक भावनात्मक संदेश लिखा: ‘‘अगर मैं मर जाऊं, तो यह मत पूछना कि मैं क्यों मरी। बस खुद सोचना कि इसका क्या कारण हो सकता है।’’
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोबाइल के स्थान का पता लगाया और गुलरिहा इलाके में एक किराए के कमरे में रह रही लड़की के पास पहुंची।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान लड़की ने बताया कि उसने यह वीडियो सिर्फ अपने दोस्तों से मजाक करने के लिए बनाया था।
बिहार के गोपालगंज जिले की रहने वाली यह लड़की एक स्थानीय होटल में काम करती है और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय है।
उसने पुलिस को बताया कि वीडियो में जिसे दवा दिखाया गया था, वह ‘च्युइंग गम’ वाली गोली थी, और उसका खुद को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था।
घटना की पुष्टि करते हुए गुलरिहा थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस ने अलर्ट पर तुरंत कार्रवाई की, लेकिन मामला झूठा निकला।
उन्होंने कहा कि लड़की को इस तरह के गुमराह करने वाले वीडियो बनाने के लिए कड़ी चेतावनी दी गई, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया ।
भाषा सं जफर
संतोष
संतोष