प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य किसानों तक इसका लाभ पहुंचाना : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य किसानों तक इसका लाभ पहुंचाना : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य किसानों तक इसका लाभ पहुंचाना : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
Modified Date: February 28, 2026 / 06:12 pm IST
Published Date: February 28, 2026 6:12 pm IST

लखनऊ, 28 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को कहा कि प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े किसान तक इसका लाभ पहुंचाना होना चाहिए।

लोकभवन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में आयोजित “इंडिया इंटरनेशनल एग्रो ट्रेड फेयर-ग्लोबल एग्रोटेक-2026” के समापन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि कृषि के नवयुग की प्रस्तावना है, जहां किसान परिवर्तन के शिल्पी के रूप में उभर रहे हैं।

पटेल ने कहा कि बीज से बाजार तक और किसान से उपभोक्ता तक कृषि को समग्र मूल्य श्रृंखला के रूप में देखने का यह एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

उन्होंने कृषि में डिजिटल प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, सूक्ष्म सिंचाई, जैव-प्रौद्योगिकी तथा उपग्रह आधारित सूचना प्रणाली की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी का वास्तविक उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े किसान तक इसका लाभ पहुंचाना होना चाहिए।

राज्यपाल ने इण्डियन चैम्बर ऑफ फूड एण्ड एग्रीकल्चर, उत्तर प्रदेश सरकार एवं सभी सहयोगी संस्थानों को इस दूरदर्शी पहल के लिए धन्यवाद दिया।

पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि के क्षेत्र के मद्देनजर देश का अग्रणी राज्य है और अन्न, दुग्ध, गन्ना, दलहन, तिलहन, बागवानी एवं पशुपालन में विशिष्ट पहचान रखता है। गत वर्षों में प्रदेश के कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जो उत्पादन वृद्धि के साथ-साथ विश्वास और संभावनाओं की वृद्धि का भी प्रतीक है।

राज्यपाल ने कहा कि ‘एग्रोटेक-2026’ तकनीक एवं परंपरा, अनुसंधान एवं अनुभव तथा नीति एवं प्रकृति के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।

राज्यपाल ने कृषि में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सराहते हुए कहा कि ग्रामीण महिला उद्यमिता एवं स्वयं सहायता समूह कृषि विकास की महत्वपूर्ण धुरी बन रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत कृषि बजट, उर्वरक सब्सिडी, कृषि अनुसंधान, स्टार्टअप, मूल्य संवर्धन एवं डिजिटल कृषि के लिए किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहलें कृषि को आत्मनिर्भर एवं सतत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

राज्यपाल ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसके बारे में प्रायः महिलाओं को समय रहते जानकारी नहीं हो पाती, इस बीमारी की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश तथा गुजरात में एचपीवी टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि आगामी आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को खोजकर उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कृषि विश्वविद्यालयों तथा अन्य संस्थानों से अपेक्षा की कि वे कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करें।

बयान के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राजस्थान के अजमेर में सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत का सीधा प्रसारण भी किया गया।

भाषा

आनन्द रवि कांत


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