उप्र में ईंधन की कोई कमी नहीं, रसोई गैस किल्लत की अफवाहों पर ध्यान न दें: मुख्यमंत्री आदित्यनाथ

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उप्र में ईंधन की कोई कमी नहीं, रसोई गैस किल्लत की अफवाहों पर ध्यान न दें: मुख्यमंत्री आदित्यनाथ

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 08:55 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 08:55 PM IST

लखनऊ, 12 मार्च (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोग रसोई गैस किल्लत की अफवाहों पर ध्यान न दें।

उन्होंने प्रदेश में रसोई गैस सिलेंडर की निर्बाध और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एक बयान के मुताबिक, बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की वर्तमान मांग और आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कमी उत्पन्न न होने पाए तथा जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी की बुकिंग कराई है, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार समयबद्ध ढंग से सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

साथ ही उपभोक्ताओं को उनकी अगली रिफिल की संभावित तिथि के संबंध में भी समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितना कि अफवाहों के माध्यम से प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि तेल कंपनियां प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एलपीजी की आपूर्ति और वितरण की वास्तविक स्थिति के बारे में आमजन को नियमित रूप से अवगत कराएं।

आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई वितरक एजेंसी अथवा निजी व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर एलपीजी वितरक केंद्रों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति न बने और वितरण कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा इनके वितरण में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है।

मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विकल्प के रूप में प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसे विकल्प के रूप में रखा जाए और आवश्यकता के अनुसार इसका यथोचित वितरण सुनिश्चित किया जाए।

भाषा जफर शफीक

शफीक