पश्चिम एशिया संकट: भारतीय कागज उद्योग के सामने बढ़ी ऊर्जा लागत और निर्यात में बाधा की चुनौती

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पश्चिम एशिया संकट: भारतीय कागज उद्योग के सामने बढ़ी ऊर्जा लागत और निर्यात में बाधा की चुनौती

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 08:17 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 08:17 PM IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) भारतीय कागज उद्योग पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण ऊर्जा लागत में वृद्धि और निर्यात बाजारों में संभावित व्यवधान जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है।

कागज उद्योग के निकाय भारतीय कागज विनिर्माता संघ (आईपीएमए) ने कहा कि पश्चिम एशिया एक महत्वपूर्ण निर्यात गंतव्य है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने लगभग 98 करोड़ डॉलर मूल्य के कागज और पेपरबोर्ड का निर्यात किया, जिसमें से करीब 29 करोड़ डॉलर (लगभग 30 प्रतिशत) का निर्यात इसी क्षेत्र को किया गया।

आईपीएमए ने बयान में कहा कि इसमें मुख्य रूप से लिखने और छपाई वाले कागज, कोटेड पेपर और क्राफ्ट पेपर जैसी श्रेणियां शामिल हैं।

संस्था ने कहा कि कागज उद्योग ऊर्जा-गहन है और वैश्विक व्यापार प्रवाह से निकटता से जुड़ा है, ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ती तनातनी और तनावपूर्ण स्थितियों का व्यापक असर पड़ने की संभावना है। इस संकट के कारण ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति में व्यवधान से भारतीय कागज मिलों की उत्पादन लागत सीधे तौर पर प्रभावित होगी।

भाषा सुमित अजय

अजय