आजमगढ़, 18 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को हत्या के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर चार-चार लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित अदालत) अमर सिंह ने जुर्माने की 80 फीसदी राशि मृतक की पत्नी और बच्चों को देने का आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, वादी हरेंद्र चौहान ने अपनी शिकायत में कहा था कि उसका भाई धर्मेंद्र कोल्हापुर (महाराष्ट्र) में रहकर पोकलैंड चलाता था और वह कोरोना महामारी के दौरान गांव आया हुआ था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, हरेंद्र ने बताया था कि धर्मेंद्र ने गांव के राजेश यादव, रमेश यादव और कपिल कुमार को एक लाख रुपये से अधिक राशि उधार दे रखी थी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, धर्मेंद ने जब उधार की रकम वापस मांगी, तो कपिल, राजेश और रमेश उसे चार अगस्त 2020 को शराब पिलाने के बहाने ले गए और दत्तात्रेय धाम के पास उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि धर्मेंद्र का शव अगले दिन नदी से बरामद हुआ। उसने बताया कि पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया और मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष के 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें उम्रकैद तथा चार-चार लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
भाषा
सं राजेंद्र पारुल
पारुल