नाबालिग बच्‍ची के अपहरण के मामले में ट्यूशन टीचर को तीन वर्ष की सजा |

नाबालिग बच्‍ची के अपहरण के मामले में ट्यूशन टीचर को तीन वर्ष की सजा

नाबालिग बच्‍ची के अपहरण के मामले में ट्यूशन टीचर को तीन वर्ष की सजा

: , September 23, 2022 / 09:30 PM IST

मथुरा (उत्तर प्रदेश), 23 सितम्बर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) ने शुक्रवार को नाबालिग बच्‍ची के अपहरण के मामले में ट्यूशन टीचर को तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है ।

मामले की पैरवी कर रही विशेष न्यायालय की लोक अभियोजक अलका शर्मा ने बताया कि यह मामला थाना राया का है जहां पीड़िता (17 साल उम्र ) के चाचा ने 21 जून 2018 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग भतीजी 11 जून को सुबह ट्यूशन टीचर भूपेंद्र के यहां पढ़ने गई थी और वह शाम तक जब घर नहीं पहुंची तो पता चला कि भूपेंद्र उसे बहला-फुसला कर कहीं ले गया है।

उन्होंने बताया कि उसे गांव के ही प्रताप सिंह व विजय सिंह ने मोटर साइकिल पर बैठाकर ले जाते देखा है। भतीजी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पुलिस ने उसके खिलाफ भादंवि की धारा 366, 376 एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी।

पुलिस ने उसे अगले ही दिन तलाश कर गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि भूपेंद्र उसे गणित की किताब दिलाने के बहाने से मोटर साइकिल पर बैठाकर ले गया था और बिचुपुरी में उसे ऐसा जूस पिलाया, जिससे वह बेहोश हो गई और उसे कुछ ध्यान नहीं रहा।

पुलिस ने पॉक्सो न्यायालय में मामले में आरोप पत्र दाखिल किया । न्यायाधीश ने आज दोनों पक्षों को सुनने एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषी करार देते हुए अपहरण के मामले में तीन वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

उन्होंने बताया कि चूंकि पीड़िता की मां ने यह कहते हुए कि ‘‘मेरी बेटी के साथ बुरा काम नहीं हुआ है’’ मेडिकल नहीं कराने दिया था । इसलिए अभियुक्त पर दुष्कर्म का मामला नहीं बन सका। न्यायाधीश ने उसे धारा 376 एवं पॉक्सो अधिनियम के आरोप में संदेह का लाभ देते हुए निर्दोष करार दिया।

भाषा सं जफर रंजन

रंजन

 

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