दलित की हत्या के दोषी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास

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दलित की हत्या के दोषी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास

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  • Publish Date - March 7, 2026 / 10:39 PM IST,
    Updated On - March 7, 2026 / 10:39 PM IST

प्रतापगढ़ (उप्र), सात मार्च (भाषा) प्रतापगढ़ जिले की एक विशेष अदालत ने एक दलित व्यक्ति की हत्या के 1999 के एक मामले में दो सगे भाइयों को शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और अर्थदंड भी लगाया। एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।

विशेष लोक अभियोजक सुरेश बहादुर सिंह ने बताया, “अपर सत्र न्यायाधीश (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति) हेमंत कुमार ने संजय तिवारी और उसके सगे भाई संगमलाल तिवारी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और इसके साथ ही उन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।’

घटना के संदर्भ में उन्‍होंने कहा कि पार्वती सरोज निवासी पूरे गुटुक थाना उदयपुर ने पुलिस को सूचित किया कि उसका पति रामलाल ट्यूबबेल वाले कमरे में रहता था और 19, मार्च 1999 को उसकी बेटी शांति ट्यूबबेल के कमरे के पास पहुंची तो पिता को मृत देखा और शोर मचाया।

उन्‍होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई कि मौत गला घोंटने से हुई। उन्होंने कहा कि तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू की तो विवेचना में राम सेवक तिवारी, संजय तिवारी व संगमलाल का नाम प्रकाश में आया।

उन्‍होंने बताया कि पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करके अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

उन्‍होंने बताया कि अदालत ने मुक़दमे की सुनवाई पूरी करने के बाद साक्ष्य के आधार पर दोषी एवं थाना उदयपुर के पाठक का पुरवा निवासी संजय तिवारी व उसके भाई संगमलाल तिवारी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई व उन पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया। उन्‍होंने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी राम सेवक तिवारी की मौत हो गई।

भाषा सं आनन्द अमित

अमित