मैनपुरी में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

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मैनपुरी में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 07:45 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 07:45 PM IST

मैनपुरी (उप्र), 22 जून (भाषा) मैनपुरी जिले की एक विशेष अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के करीब पांच साल पुराने मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने सोमवार को यह जानकारी दी।

उसने बताया कि अदालत ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्री राजपूत ने बताया कि पोक्सो अधिनियम के मामलों के विशेष न्यायाधीश जहेंद्र पाल सिंह ने एटा के अलीगंज थाना क्षेत्र के हरिसरी गांव निवासी आकाश (30) और गुड्डू (32) (दोनों की घटना के समय की उम्र) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

उन्होंने बताया कि मैनपुरी जिले के औंछा थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले में तीसरे आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसकी सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है।

राजपूत ने बताया कि 15 जनवरी, 2021 को औंछा थाना क्षेत्र के एक गांव की 13 वर्षीय लड़की दोपहर में खेत गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी।

उन्होंने बताया कि तलाश के दौरान जानकारी मिली कि उसे आकाश और गुड्डू तथा औंछा निवासी 16 वर्षीय एक नाबालिग के साथ देखा गया था। तीनों लड़की को दिल्ली ले गए और इंदिरापुरम के एक मकान में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।

राजपूत ने बताया कि पीड़िता ने मुश्किल हालात में पिता को फोन कर अपहरण और दुष्कर्म की जानकारी दी और बंधक बनाए जाने के स्थान की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 25 जनवरी, 2021 को पिता ने इंदिरापुरम के एक घर से बेटी को बरामद किया। 28 जनवरी को पीड़िता के पिता ने औंछा थाने में आकाश, गुड्डू और नाबालिग के खिलाफ अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई। मेडिकल जांच में वारदात की पुष्टि हुई थी।

जांच के बाद पुलिस ने आकाश और गुड्डू के खिलाफ पोक्सो मामलो की विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया, जबकि नाबालिग के खिलाफ अलग से किशोर न्याय बोर्ड में आरोप पत्र दाखिल किया।

भाषा सं आनन्द धीरज

धीरज