Vande Bharat : खरगे vs रिजिजू.. सदन में आर-पार, अमित शाह के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन, क्या ऐसे ही शोर शराबे में दब जाएंगे असली मुद्दे?

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संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहा। राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे और किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस हुई, जबकि लोकसभा में हंगामे के चलते कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। संसद परिसर में विपक्ष ने अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 11:51 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 11:54 PM IST

Vande Bharat / Image Source : screengrab

HIGHLIGHTS
  • मानसून सत्र में लगातार जारी है सरकार और विपक्ष का गतिरोध।
  • सदन के भीतर बहस और बाहर विपक्ष का प्रदर्शन।
  • महत्वपूर्ण विधायी कामकाज लगातार हो रहा प्रभावित।

दिल्ली :Vande Bharat : संसद के मानसून सत्र को शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं लेकिन सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। सदन के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी तो सदन के भीतर विरोध का शोर-शराबा। सवाल ये कि जनता के मुद्दों पर सार्थक बहस हो पा रही है…? आज क्या हुआ सदन में।

रिजिजू के आरोप पर खड़गे का पलटवार

संसद के मानसून सत्र में लगातार जारी गतिरोध के बीच गुरूवार को राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़के और संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस हुई। रिजिजू ने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे नेता प्रतिपक्ष की अपनी भूमिका का दुरुपयोग कर रहे है और हर दिन एक ही मुद्दा उठाकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं जिससे पवन खेड़ा जैसे नए सदस्यों को बोलने का मौका नहीं मिल रहा। रिजिजू के आरोप पर खड़गे ने भी जोरदार पलटवार किया।

शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित

लोकसभा में भी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई जिसके चलते इसे शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया…वहीं संसद परिसर में विपक्ष ने अमित शाह के खिलाफ पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और 20 जुलाई को छात्रों पर पुलिस कार्रवाई मामले पर जवाब की मांग की।

संसद का मानसून सत्र 25 दिनों

बारिश के बावजूद अमित शाह के बयान और राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर विरोध जारी रहा। Mallikarjun Kharge Parliament इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी मौजूद रहे। संसद का मानसून सत्र 25 दिनों का है। लेकिन लगातार हंगामे ने कामकाज के कई दिन और घंटे पहले ही निगल लिए हैं। देखना होगा कि ये गतिरोध आगे भी जारी रहता है या फिर ये सत्र राष्ट्रहित में अहम मुद्दे पर बहस और चर्चा का गवाह बन पाता है या नहीं।

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