सुलतानपुर, आठ जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के गनपत सहाय परास्नातक महाविद्यालय के प्राचार्य की वर्ष 2011 में हुई हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा पाये अनिल मिश्रा ने अपने ‘सुसाइड नोट’ में खुद को बेकसूर बताते हुए कहा है कि उसे इस मामले में फंसाया गया था।
मिश्रा द्वारा लिखे गए ढाई पेज के ‘सुसाइड नोट’ को पुलिस ने मिश्रा द्वारा आत्महत्या के मौके पर घटनास्थल से बरामद किया था। पत्र में मिश्रा ने लिखा है कि उसे फंसाया गया। वह बेकुसूर था मगर उसे सजा सुना दी गयी।
इस मामले में मिश्रा समेत पांच अभियुक्तों को वर्ष 2011 में गनपत सहाय परास्नातक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर प्रताप बहादुर सिंह की हत्या के जुर्म में वर्ष 2021 में उम्रकैद की सजा सुनायी गयी थी। उसके बाद मिश्रा ने उच्च न्यायालय में सजा के खिलाफ अपील की थी, जहां से वह जमानत पर बाहर था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मिश्रा ने अपने सुसाइड नोट में अपने बच्चों के लिये लिखा है कि वे अच्छे तरीके से पढ़ाई करें ताकि भविष्य में कुछ बन सकें।
ज्ञात हो कि कोतवाली नगर के रामलीला मैदान परिसर में स्थित संत तुलसीदास विद्यालय की प्रबंधक सुषमा मिश्रा के पति अनिल मिश्रा ने पिछले सोमवार की शाम को आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर क्षेत्र) सौरभ सावंत ने बृहस्पतिवार को बताया कि अनिल मिश्रा द्वारा आत्महत्या के ही दिन सुसाइड नोट उसी कमरे से ही बरामद कर लिया गया था मगर उसकी जांच की जा रही थी। मृतक के परिवार की तरफ से अभी तक तहरीर न मिलने के कारण मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है, फिर भी सुसाइड नोट के आधार पर अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।
भाषा
सं, सलीम रवि कांत