उप्र: विद्यालयों को पशुओं के लिए चारा इकट्ठा करने का निर्देश देने पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का तबादला
उप्र: विद्यालयों को पशुओं के लिए चारा इकट्ठा करने का निर्देश देने पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का तबादला
बरेली, 29 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के बरेली में विद्यालयों को मवेशियों के लिए चारा इकट्ठा करने का निर्देश देने वाला पत्र जारी करने के लिए नवाबगंज ब्लॉक के शिक्षा अधिकारी का तबादला जिला मुख्यालय कर दिया गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) डॉ. विनीता ने नवाबगंज ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सत्यदेव को कारण बताओ नोटिस जारी किया और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गयी।
जिले में बेसहारा मवेशियों के भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए चारा दान अभियान जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि 20 मई को एक पत्र जारी कर नवाबगंज ब्लॉक के शिक्षा अधिकारी को अपने प्रयासों से 100 क्विंटल चारा जुटाने और स्थानीय नागरिकों को भी इसमें योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, निर्देश का पालन करने के बजाय अधिकारी ने अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए एक आदेश जारी कर ब्लॉक के सभी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से 46 किलो चारा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
जब यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो शिक्षक संघों ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) ने प्राथमिक शिक्षा विभाग को कुल 1,500 क्विंटल चारा एकत्र करने का लक्ष्य दिया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने डॉ. विनीता ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि जिले के ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस पहल को अनिवार्य आदेश न समझें, बल्कि इसे जन कल्याण का एक नेक कार्य मानें।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान जनता के हित में और बेसहारा पशुओं की सहायता के लिए चलाया जा रहा है।
अधिकारी ने जिले के सभी 15 ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस प्रयास में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, जागरूक किसानों, ग्राम प्रधानों और समुदाय के अन्य सदस्यों से सहयोग लें।
उन्होंने दोहराया कि प्राथमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को यह विशेष जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।
डॉ. विनीता ने बताया कि सत्यदेव को जिला मुख्यालय से संबंद्ध कर दिया गया है और उनके द्वारा जारी किए गए पत्र के संबंध में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने बताया कि संतोषजनक उत्तर न मिलने पर अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
भाषा जफर जितेंद्र
जितेंद्र

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