उप्र बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के दौरान सरकारी शिक्षक की हत्या के आरोप में मुख्य आरक्षी को उम्रकैद

उप्र बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के दौरान सरकारी शिक्षक की हत्या के आरोप में मुख्य आरक्षी को उम्रकैद

उप्र बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के दौरान सरकारी शिक्षक की हत्या के आरोप में मुख्य आरक्षी को उम्रकैद
Modified Date: February 25, 2026 / 09:41 pm IST
Published Date: February 25, 2026 9:41 pm IST

मुजफ्फरनगर (उप्र), 25 फरवरी (भाषा) मुजफ्फरनगर की एक विशेष एससी/एसटी अदालत ने 2024 उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी शिक्षक की गोली मारकर हत्या करने के जुर्म में एक मुख्य आरक्षी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

विशेष न्यायाधीश सीताराम ने मुख्य आरक्षी चंद्र प्रकाश यादव को तत्कालीन भादंसं की धाराओं– 302 (हत्या) और 504 (जानबूझकर अपमान) और एससी/एसटी अधिनियम की धारा तीन के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उसपर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

सरकारी वकील परवेन्दर कुमार ने बताया कि यह घटना 17 मार्च, 2024 को हुई थी, जब उप्र बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं ले जाने के लिए नियुक्त एक टीम उन्हें पुलिस सुरक्षा के तहत मुजफ्फरनगर के एसडी इंटर कॉलेज में ले आई थी।

उन्होंने बताया कि देर रात होने के कारण टीम कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर खड़े वाहन के अंदर ही रुकी रही।

सरकारी वकील ने कहा, ‘उसी बीच मुख्य आरक्षी और शिक्षक धर्मेंद्र कुमार के बीच बहस छिड़ गयी। बहस के दौरान आरोपी ने शिक्षक पर गोली चला दी। शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई।’

घटना के बाद मामला दर्ज किया गया और यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में है ।

कुमार ने कहा कि अदालत ने सबूतों की जांच करने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

भाषा सं जफर राजकुमार

राजकुमार


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