उप्र: चिकित्‍सा स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण के लिए बजट 15 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव

उप्र: चिकित्‍सा स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण के लिए बजट 15 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव

उप्र: चिकित्‍सा स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण के लिए बजट 15 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव
Modified Date: February 11, 2026 / 04:34 pm IST
Published Date: February 11, 2026 4:34 pm IST

लखनऊ, 11 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जिसमें चिकित्सा शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण और आयुष के मद में संसाधनों और सुविधा बढ़ाने को प्राथमिकता दी गई है।

वित्‍त मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने बजट पेश करते हुए सदन में कहा कि चिकित्‍सा स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था बजट में प्रस्तावित है जो वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत-मुख्‍यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत लाभार्थी परिवारों की संख्या 49.22 लाख है और इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था प्रस्तावित है।

खन्ना ने कहा कि राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के लिए 8,641 करोड़ रुपये और ‘आयुष्‍ष्‍मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन’ के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्‍यवस्‍था की गई है।

उनके मुताबिक चिकित्‍सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये की बजट में व्‍यवस्‍था की गई है।

उन्होंने बताया, “मौजूदा समय में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें 45 राज्‍य सरकार द्वारा संचालित हैं जबकि 36 निजी क्षेत्र के हैं। प्रदेश के 60 जिलों में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध हो गई है और 16 जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पीपीपी पद्धति से कराई जानी है।”

खन्‍ना ने बताया कि 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन के लिए बजट में 1023 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि कैंसर संस्थान लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपये और असाध्य रोगों के उपचार के लिए 130 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वित्‍त मंत्री ने कहा कि आयुष सेवाओं के लिए 2867 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्‍सालयों में प्रमाणित एवं गुणकारी औषधियों की आपूर्ति की व्‍यवस्‍था के लिए प्रदेश में दो राजकीय औषधि निर्माणशालाएं लखनऊ एवं पीलीभीत में संचालित हैं।

खन्‍ना ने कहा कि इनको सुदृढ़ करते हुए इनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि किये जाने का प्रयास किया जा रहा है।

भाषा आनन्द नोमान

नोमान


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