उप्र मंत्रिमंडल ने विधि अधिकारियों की फीस में वृद्धि को मंजूरी दी
उप्र मंत्रिमंडल ने विधि अधिकारियों की फीस में वृद्धि को मंजूरी दी
लखनऊ, तीन जून (भाषा) उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य विधि अधिकारियों को दिये जाने वाले मानदेय एवं प्रति सुनवाई फीस में वृद्धि के प्रस्ताव पर बुधवार को अपनी मुहर लगा दी।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मंत्रिमंडल ने यह निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार से संबंधित मुकदमों और वादों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया।
बयान के अनुसार प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न जिला न्यायालयों, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ तथा उच्चतम न्यायालय में आबद्ध राज्य विधि अधिकारी राज्य के हितों की रक्षा और प्रभावी विधिक प्रतिनिधित्व का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं।
इसके मुताबिक वर्तमान में सरकारी वकीलों को देय मानदेय एवं बहस फीस का निर्धारण 10 से 15 वर्ष पूर्व जारी शासनादेशों के आधार पर किया जा रहा था। बदलते समय, बढ़ती पेशेवर जिम्मेदारियों और न्यायिक प्रक्रियाओं की जटिलताओं को मद्देनजर राज्य सरकार ने इन शुल्कों में वृद्धि का निर्णय लिया है।
बयान में कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से अनुभवी एवं दक्ष अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन मिलेगा तथा विभिन्न न्यायालयों में राज्य सरकार के पक्ष की और अधिक प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो सकेगी।
मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही न्याय विभाग द्वारा की जाएगी।
भाषा जफर धीरज
धीरज

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