उप्र में फर्जी दस्तावेजों से अपराधियों को जमानत दिलाने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

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उप्र में फर्जी दस्तावेजों से अपराधियों को जमानत दिलाने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

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  • Publish Date - September 19, 2026 / 09:08 AM IST,
    Updated On - September 19, 2026 / 09:08 AM IST

भदोही (उप्र), 19 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के भदोही पुलिस ने गंभीर अपराधों में जेल में बंद बाहरी और अपरिचित अपराधियों को फर्जी शपथ पत्र, कूटरचित दस्तावेज और झूठी प्रतिभूति के आधार पर जमानत दिलाकर फरार कराने वाले संगठित गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव त्यागी ने बताया कि गिरोह से जुड़े पेशेवर जमानतदार माधो (60) को शुक्रवार शाम ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के भिदिउरा गांव से गिरफ्तार किया गया। उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

पूछताछ में माधो ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह दुष्कर्म, हत्या, लूट, पॉक्सो अधिनियम, एससी/एसटी अधिनियम, अवैध शराब और गांजा तस्करी जैसे मामलों में जेल भेजे गए नौ अपराधियों को जमानत दिलाकर फरार होने में मदद की।

त्यागी ने बताया कि उसने गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी बताए हैं।

एसपी के मुताबिक, मामला 13 जुलाई को सामने आया, जब गोपीगंज पुलिस ने हरियाणा के पानीपत से बिहार जा रहे एक ट्रैक्टर के साथ लगे पानी के टैंकर से 1,005 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की थी। पुलिस ने शामली जिले के थाना भवन निवासी तस्कर मनोज कुमार उर्फ राहुल सैनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पुलिस के अनुसार, मनोज को महज 10 दिन बाद, 24 जुलाई को अदालत से जमानत मिल गई। जमानतदार लालजी के घर सत्यापन के दौरान उपनिरीक्षक सत्येंद्र राय को मामले का खुलासा हुआ।

जांच में आरोप है कि लालजी एक संगठित गिरोह के जरिए बाहरी अपराधियों को फर्जी दस्तावेज और झूठे शपथ पत्र के आधार पर, एक ही संपत्ति को अलग-अलग मामलों में बार-बार जमानत के लिए प्रतिभूति के रूप में प्रस्तुत करता था और पैसे लेकर जमानत दिलाता था।

एसपी ने बताया कि उपनिरीक्षक की तहरीर पर 25 जुलाई को ज्ञानपुर थाने में लालजी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू हुई। इसी कार्रवाई में माधो को गिरफ्तार किया गया।

एसपी के मुताबिक, शराब तस्कर मनोज कुमार उर्फ राहुल सैनी की अदालत से मंजूर जमानत निरस्त करा दी गई है।

भाषा सं आनन्द रंजन

रंजन