उप्र : बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर मुआवजा देने के लिए नीति बनाने को मंजूरी

उप्र : बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर मुआवजा देने के लिए नीति बनाने को मंजूरी

उप्र : बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर मुआवजा देने के लिए नीति बनाने को मंजूरी
Modified Date: June 3, 2026 / 11:26 pm IST
Published Date: June 3, 2026 11:26 pm IST

लखनऊ, तीन जून (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के कारागारों में निरुद्ध बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में उनके आश्रितों अथवा निकटस्थ परिजनों को मुआवजा देने के लिए ‘‘उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति’’ बनाने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई बैठक में इस आशय पर मुहर लगाई गई।

एक बयान के मुताबिक नई नीति का उद्देश्य बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, कारागार प्रशासन में पारदर्शिता तथा पीड़ित परिवारों को समयबद्ध राहत सुनिश्चित करना है। वर्तमान में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की संस्तुतियों के आधार पर मुआवजा भुगतान की व्यवस्था प्रचलित है।

हालांकि, इस प्रक्रिया में विभिन्न स्तरों पर अनुमोदन और औपचारिकताओं के कारण मृतक बंदियों के आश्रितों को मुआवजा मिलने में अपेक्षाकृत अधिक समय लग जाता था।

बयान के मुताबिक इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक स्पष्ट और संस्थागत नीति बनाने का निर्णय लिया है। नयी नीति के तहत कारागारों में निरुद्ध बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों अथवा निकटस्थ परिजनों को निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान अधिक त्वरित और सुव्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।

बयान में कहा गया कि मुआवजा देने के संबंध विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जिससे सभी मामलों में एक समान और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित हो सके।

भाषा जफर धीरज

धीरज


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