उप्र : इटावा लायन सफारी में शेरनी ने दिया चार शावकों को जन्म
उप्र : इटावा लायन सफारी में शेरनी ने दिया चार शावकों को जन्म
इटावा, नौ मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के इटावा लायन सफारी पार्क एवं एशियाटिक बब्बर शेर प्रजनन केंद्र में शेरनी नीरजा ने चार शावकों को जन्म दिया है।
लायन सफारी पार्क के निदेशक अनिल कुमार पटेल ने सोमवार को बताया कि एशियाटिक बब्बर शेर प्रजनन केंद्र में शेरनी नीरजा ने रविवार की रात चार शावकों को जन्म दिया।
उन्होंने बताया कि बब्बर शेर कान्हा इन शावकों का पिता है। पिछले साल शेरनी नीरजा का गर्भ ठहरने की पुष्टि होने के बाद इस जोड़े को ब्रीडिंग सेंटर में लाया गया था और शेरनी को प्रशिक्षित कर्मचारियों की विशेष देखभाल में रखा जा रहा था।
पटेल ने बताया कि शेरनी की संभावित प्रसव तिथि होली त्योहार के आसपास तीन से आठ मार्च होने के कारण सफारी के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सफारी में ही होली का त्योहार मनाया ताकि शेरनी की निगरानी में खलल न पड़े।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आठ मार्च की देर शाम आठ बजकर 25 मिनट पर शेरनी नीरजा ने पहले शावक को जन्म दिया।
पटेल ने बताया कि उसके बाद नीरजा ने नौ बजकर सात मिनट पर दूसरे शावक, नौ बजकर 43 मिनट पर तीसरे और नौ बजकर 59 मिनट पर चौथे शावक को जन्म दिया। उन्होंने बताया कि सफारी प्रशासन इन नवजात शावकों की नियमित रूप से निगरानी कर रहा है।
लायन सफारी पार्क के निदेशक ने बताया कि शेरनी नीरजा अपने चारों शावकों की देखरेख अच्छे ढंग से कर रही है। उन्होंने बताया कि नीरजा तीसरी बार मां बनी है।
पटेल ने बताया कि पहली बार के दो और दूसरी बार के तीन शेर लायन सफारी में सफलतापूर्वक पाले जा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल में बनायी गयी लायन सफारी में शेरों का कुनबा बढ़ने पर खुशी जताते हुए इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘जिस बड़ी सोच के साथ हमने एशियाई शेरों के लिए ‘इटावा लायन सफ़ारी’ की शुरुआत की थी वो सोच फलीभूत हो रही है और यहां एशियाई शेरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।’
सपा प्रमुख ने लायन सफारी से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारी को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण के चक्र में हर प्राणी का अपना महत्त्व है, इसीलिए वह प्रकृति को बचाने के लिए बड़ी सोच के साथ सकारात्मक पहल करने में विश्वास करते रहे हैं और करते रहेंगे।
भाषा
सं, सलीम रवि कांत

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