कानून के तहत होगा उप्र वक्फ बोर्ड का गठन, शामिल किये जाएंगे दो गैर-मुस्लिम सदस्य : मंत्री अंसारी

कानून के तहत होगा उप्र वक्फ बोर्ड का गठन, शामिल किये जाएंगे दो गैर-मुस्लिम सदस्य : मंत्री अंसारी

कानून के तहत होगा उप्र वक्फ बोर्ड का गठन, शामिल किये जाएंगे दो गैर-मुस्लिम सदस्य : मंत्री अंसारी
Modified Date: July 9, 2026 / 04:41 pm IST
Published Date: July 9, 2026 4:41 pm IST

लखनऊ, नौ जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू ‘वक्फ संशोधन अधिनियम’ को लागू करना हर राज्य के लिये अनिवार्य है और उत्तर प्रदेश में भी निर्धारित नियम-कायदों के तहत ही बोर्ड का पुनर्गठन होगा।

अंसारी ने संवाददाताओं से बातचीत में मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिमों को शामिल किये जाने से जुड़े एक सवाल पर कहा, ‘‘केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार जब वक्फ संशोधन अधिनियम लेकर आयी तो वह पूरे देश में लागू होगा। उस अधिनियम को लागू करना हर राज्य के लिये अनिवार्य है। यकीनी तौर पर आने वाले समय में जब उत्तर प्रदेश में भी ऐसे गठन की प्रक्रिया चलेगी तो वक्फ संशोधन अधिनियम के नियम और कायदों के अनुरूप ही गठन किया जाएगा।’’

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने रविवार को राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए इसमें दो हिंदू सदस्यों को शामिल किया। वक्फ (संशोधन) अधिनियम के तहत गठित यह नया बोर्ड देश का पहला राज्य-स्तरीय वक्फ बोर्ड है जिसमें हिंदू सदस्यों को नियुक्त किया गया है।

अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन अधिनियम के पीछे का मकसद है कि वक्फ की सम्पत्तियों का बेहतर रखरखाव हो।

उन्होंने कहा, ‘‘अब जब वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन होगा तो उसमें पिछड़े, पसमांदा मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व होगा, महिलाओं का प्रतिनिधित्व होगा। तमाम और भी मुस्लिम समाज के अलग-अलग वर्ग हैं उनका भी प्रतिनिधित्व होना चाहिये। हमारे दो ऐसे सदस्यों का भी उसमें मनोनयन होना है जो गैर-मुस्लिम होंगे।’’

भाषा सलीम शफीक

शफीक


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