उत्तर प्रदेश: वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और बहराइच में धार्मिक स्थल और भवन पर प्रशासनिक कार्रवाई

उत्तर प्रदेश: वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और बहराइच में धार्मिक स्थल और भवन पर प्रशासनिक कार्रवाई

उत्तर प्रदेश: वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और बहराइच में धार्मिक स्थल और भवन पर प्रशासनिक कार्रवाई
Modified Date: June 16, 2026 / 10:14 pm IST
Published Date: June 16, 2026 10:14 pm IST

लखनऊ, 16 जून (भाषा) कथित अतिक्रमण, पुनर्विकास और सार्वजनिक सुरक्षा के मुद्दों से जुड़े अलग-अलग मामलों में मंगलवार को उत्तर प्रदेश में काशी रेलवे स्टेशन के पास एक मस्जिद, गाजियाबाद में एक मदरसा, आगरा के एमजी रोड पर एक मजार और बहराइच में एक राजमार्ग के किनारे स्थित मस्जिद सहित कई धार्मिक स्थल और भवन पर प्रशासनिक कार्रवाई की गयी।

वाराणसी में, काशी रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थित गंज शहीद मस्जिद पर एक कानूनी नोटिस चिपकाया गया जिसमें स्टेशन विस्तार और पुनर्विकास परियोजना के कारण वहां रह रहे लोगों को 20 जून तक परिसर खाली करने के लिए कहा गया।

नोटिस में 20 जून तक मस्जिद को खाली करने को कहा गया है। यह कार्रवाई रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण

के लिए की जा रही है।

स्टेशन अधीक्षक अर्पित गुप्ता ने कहा कि यह कार्रवाई काशी मॉडल रेलवे स्टेशन परियोजना के तहत प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए रेलवे की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की प्रक्रिया का हिस्सा थी।

गौरतलब है कि तीन जून को भी अदालत के आदेश के बाद भारी सुरक्षा के बीच अजाइब शहीद मजार और स्टेशन परिसर की एक मस्जिद को गिराया गया था। अधिकारियों के अनुसार, काशी मॉडल रेलवे स्टेशन परियोजना के सर्वेक्षण में ये ढांचे रेलवे की जमीन पर पाए गए थे। नोटिस के बाद मामला अदालत पहुंचा और फैसले के बाद यह कार्रवाई की गई।

अधिकारियों ने कहा था कि पुनर्विकास परियोजना के लिए किए गए एक सर्वेक्षण में ये संरचनाएं रेलवे भूमि पर पाई गईं, जिसके बाद नोटिस जारी किए गए और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

गाजियाबाद में प्रशासन ने कुशलिया गांव में एक मदरसे को सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर बने होने का आरोप लगाते हुए ध्वस्त कर दिया। पुलिस, त्वरित प्रतिक्रिया बल के जवानों और चार थानों से टीम को तैनात करते हुए कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

सदर एसडीएम अरुण दीक्षित ने कहा कि मदरसा लगभग 30 वर्षों से संचालित हो रहा था और लगभग 880 वर्ग मीटर भूमि पर बनाया गया था, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक थी।

उन्होंने कहा कि जांच में पाया गया कि निर्माण राजस्व रिकॉर्ड में सार्वजनिक मार्ग और खाद के निपटान के लिए दर्ज भूमि पर किया गया था।

वहीं, आगरा में आगरा कॉलेज के पास व्यस्त एमजी रोड पर स्थित एक मजार को उसकी प्रबंध समिति के सदस्यों के साथ चर्चा के बाद हटा दिया गया और एक वैकल्पिक स्थल पर स्थानांतरित कर दिया गया।

अपर पुलिस उपायुक्त हिमांशु गौरव ने कहा कि परामर्श के बाद संरचना को स्थानांतरित कर दिया गया और प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो गई। अधिकारियों ने कहा कि मजार सड़क के बीच में स्थित है, जिससे यातायात की आवाजाही और सुरक्षा से संबंधित चिंताएं बढ़ गई थीं।

इस बीच, बहराइच में जिला प्रशासन ने बहराइच-नेपाल राजमार्ग के किनारे स्थित एक मस्जिद को हटाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रस्तावित कार्रवाई को रोक दिया और अधिकारियों को कोई भी अगला कदम उठाने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया जाना चाहिए और आगे बढ़ने से पहले भूमि की माप और सत्यापन पूरा किया जाना चाहिए।

कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए पुलिस तैनाती की मांग करने वाला एनएचएआई का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रस्तावित कार्रवाई ने चिंता पैदा कर दी थी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना कोई तत्काल कार्रवाई नहीं की जाएगी और लोगों से अफवाहों पर विश्वास नहीं करने की अपील की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी स्थानों पर स्थिति शांतिपूर्ण रही।

भाषा जफर सुरभि

सुरभि


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