अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने का प्रस्ताव फिर से उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा गया: सिंघल

अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने का प्रस्ताव फिर से उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा गया: सिंघल

अलीगढ़ का नाम हरिगढ़ करने का प्रस्ताव फिर से उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा गया: सिंघल
Modified Date: August 7, 2026 / 07:46 pm IST
Published Date: August 7, 2026 7:46 pm IST

अलीगढ़ (उप्र), सात अगस्त (भाषा) अलीगढ़ के महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा है कि शहर का नाम बदलकर हरिगढ़ करने का प्रस्ताव एक बार फिर राज्य सरकार को भेजा गया है।

भाजपा नेता सिंघल ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा कि प्रस्ताव से जुड़े सभी दस्तावेज इस सप्ताह की शुरुआत में राज्य सरकार को भेज दिए गए हैं।

सिंघल ने बताया कि 2023 में महापौर चुने जाने के तुरंत बाद अलीगढ़ नगर निगम ने एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार से अलीगढ़ का नाम बदलकर संत स्वामी हरिदास के नाम पर हरिगढ़ करने की मांग की गई थी।

अलीगढ़ का नाम बदलने की दिशा में पहला आधिकारिक कदम अगस्त 2021 में उठाया गया था। उस समय नवनिर्वाचित अलीगढ़ जिला परिषद अध्यक्ष विजय सिंह ने राज्य सरकार के पास इस संबंध में प्रस्ताव भेजा था।

यह मांग अलीगढ़ छत्री परिषद की ओर से एक ज्ञापन सौंपने के बाद उठी थी।

उस समय के महापौर मोहम्मद फुरकान (बसपा) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया था कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व छात्र समुदाय की भावनाओं को देखते हुए इस मामले को फिलहाल टाल दिया जाए, क्योंकि उनका इस शहर से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।

अगस्त 2025 में उपमुख्यमंत्री केशव देव मौर्य ने शहर के दौरे के दौरान एक बार फिर यह मुद्दा उठाया था।

हालांकि, एक इतिहासकार का कहना है कि इस बात के बहुत कम प्रमाण हैं कि अलीगढ़ का कभी स्वामी हरिदास से कोई संबंध रहा हो।

एएमयू के इतिहास विभाग के प्रोफेसर और मध्यकालीन भारतीय इतिहास के विशेषज्ञ प्रोफेसर मनवेंद्र कुमार पुंढीर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘इतिहास के किसी भी दौर में इस शहर का हरिगढ़ या उससे मिलता-जुलता कोई नाम नहीं रहा।’

उन्होंने बताया कि 1803 में कोल नाम से जाने जाने वाले इस क्षेत्र पर लॉर्ड लेक के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना ने कब्जा कर लिया था। इसके बाद पूरे इलाके को एक जिला बनाया गया, जिसका नाम अलीगढ़ रखा गया।

पुंधीर ने कहा कि अलीगढ़ नाम शहर के उत्तर में स्थित एक छोटे युद्धक किले के नाम से पड़ा।

उन्होंने बताया कि यह रणनीतिक किला लोदी काल में बनाया गया था। बाद में सबित खान द्वारा इसकी मरम्मत कराए जाने के बाद इसका नाम सबितगढ़ रखा गया। मराठा शासन के दौरान भी 18वीं सदी के अंत तक यही नाम चलता रहा। बाद में अवध के नवाब के प्रभाव में इसका नाम बदलकर अलीगढ़ किला कर दिया गया।

पुंढीर ने कहा कि जाटों के शासन में संक्षिप्त समय के लिए इसका नाम रामगढ़ किला रखा गया था। इसके अलावा यह किला अलीगढ़ नाम से ही जाना जाता रहा।

भाषा सं राजेंद्र जोहेब

जोहेब


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