उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष ने मानसून सत्र के दौरान रचनात्मक चर्चा होने की उम्मीद जताई
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष ने मानसून सत्र के दौरान रचनात्मक चर्चा होने की उम्मीद जताई
लखनऊ, 22 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने सदस्यों से तीन अगस्त से शुरू होने वाले राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान सुचारू और सार्थक कार्यवाही सुनिश्चित करने की बुधवार को अपील की।
उन्होंने कहा कि सदन में पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार के प्रदर्शन पर रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए।
महाना ने यहां ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, ‘‘इस 18वीं विधानसभा का लगभग साढ़े चार वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। छह महीने बाकी है। तीन अगस्त से विधानमंडल का मानसून सत्र चलेगा। इस दौरान अनुपूरक बजट आयेगा। मेरी यह अपेक्षा है कि सभी राजनीतिक दल एक साथ मिलकर साढ़े चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियों और सरकार के प्रदर्शन पर रचनात्मक चर्चा करें।’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का अनुपूरक बजट मानसून सत्र के दौरान पेश किया जायेगा।
मानसून सत्र तीन अगस्त से छह अगस्त तक आहूत किया गया है।
अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के हकदार हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बहस तथ्यों, तर्क के साथ और सदन की गरिमा और मर्यादा के अनुरूप की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘क्या बोलना है, इस पर किसी को निर्देशित नहीं किया जाता है। सदस्यों को अपनी शिकायतों समेत मुद्दे उठाने चाहिए और सरकार जवाब देगी। सभी माननीय सदस्यों से मेरी अपील है कि विधानसभा सुचारू रूप से चले, यह सुनिश्चित करें।’’
महाना ने इसे विधानसभा के अब तक के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की समीक्षा करने का एक अवसर बताते हुए यह भी उम्मीद जताई कि सत्र में प्रभावी और सार्थक चर्चा होगी।
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य विधानमंडल (विधानसभा-विधान परिषद) के दोनों सदनों के इस वर्ष के तीसरे सत्र को तीन अगस्त से बुलाने के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी थी।
इस सत्र में 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए अनुपूरक बजट और अन्य विधायी कामकाज पर चर्चा होगी।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों को बताया था कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार विधानसभा और विधान परिषद दोनों का सत्र तीन अगस्त से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि सरकार सत्र के दौरान 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को पेश करेगी।
खन्ना ने कहा था कि पिछले सत्र के समापन के बाद जारी अध्यादेशों की जगह लेने वाले विधेयक भी पेश किए जायेंगे और इन्हें पारित कराने पर विचार किया जायेगा। उन्होंने साथ ही अन्य जरूरी विधायी और सरकारी कामकाज भी होंगे।
राज्य विधानसभा का पिछला एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को बुलाया गया था और उसी दिन दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी जबकि सत्र का औपचारिक रूप से सात मई को सत्रावसान किया गया था।
मंत्री ने कहा था कि अगला सत्र बुलाने का फैसला संविधान और उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली और कामकाज के नियमों के अनुरूप है, जिनके अनुसार विधानसभा के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए।
खन्ना ने बताया कि तीन अगस्त से शुरू होने वाले सत्र में अनुपूरक बजट, अध्यादेशों की जगह लेने वाले विधेयक और अन्य विधायी कामकाज निपटाए जाएंगे।
भाषा जफर सिम्मी देवेंद्र
देवेंद्र

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