OP Rajbhar On Akhilesh Yadav Statement: ‘सपा पार्टी है या गैंग?’… सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेकर ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, दे डाली बड़ी नसीहत

OP Rajbhar On Akhilesh Yadav Statement: 'सपा पार्टी है या गैंग?'... सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेकर ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, दे डाली बड़ी नसीहत

OP Rajbhar On Akhilesh Yadav Statement: ‘सपा पार्टी है या गैंग?’… सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेकर ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, दे डाली बड़ी नसीहत

OP Rajbhar On Akhilesh Yadav Statement: 'सपा पार्टी है या गैंग?'... सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेकर ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, दे डाली बड़ी नसीहत /image: Social Media

Modified Date: July 22, 2026 / 12:59 pm IST
Published Date: July 22, 2026 12:48 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला
  • पोस्ट में सपा सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेते हुए कई आरोप लगाए गए
  • समाजवादी पार्टी की ओर से इस खबर में किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है

लखनऊ। OP Rajbhar On Akhilesh Yadav Statement: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया के जरिए तीखा हमला बोला है। इस बार उन्होंने लालगंज से सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेते हुए सपा पर गरीबों, पिछड़ों और दलितों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। राजभर ने कहा कि आए दिन अपराध की घटनाओं में सपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आते हैं और पार्टी नेतृत्व इस पर चुप्पी साधे रहता है।

‘गरीबों, पिछड़ों और दलितों को सताने में मजा आता है क्या?’

अपने पोस्ट की शुरुआत में राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, ‘अखिलेश भैया, सुबह की राम-राम। एक बात बताइए, क्या आपकी पार्टी के लोगों को गरीबों, पिछड़ों और दलितों को सताने में मजा आता है?’ उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग हर दिन कहीं न कहीं अपराध की घटनाएं सामने आती हैं और जांच के दौरान उनमें सपा से जुड़े लोगों का नाम सामने आता है।

OP Rajbhar On Akhilesh Yadav Statement राजभर ने सवाल उठाया कि हत्या, हुड़दंग, चोरी और छिनैती जैसी घटनाओं में बार-बार सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम क्यों सामने आते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि यह राजनीतिक पार्टी है या फिर कोई गैंग।

सपा सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का लिया नाम

अपने पोस्ट में राजभर ने आजमगढ़ के लालगंज से समाजवादी पार्टी के सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि नाम भले ‘दरोगा’ हो, लेकिन काम ‘लुटेरे’ जैसा किया जा रहा है।

राजभर ने दावा किया कि सांसद पर गरीब, पिछड़े और दलितों के साथ बदसलूकी करने और जमीन कब्जाने जैसे आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने लिखा कि अगर उनकी बात पर भरोसा न हो तो अखिलेश यादव अपने भाई धर्मेंद्र यादव से इस बारे में पूछ सकते हैं।

दलित महिला की जमीन कब्जाने का लगाया आरोप

OP Rajbhar On Akhilesh Yadav Statement राजभर ने अपने पोस्ट में आजमगढ़ के मोहनपुर पटवास गांव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां की एक दलित महिला गीता सरोज की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस काम के लिए सांसद के बेटे और पोते को लगाया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गाली-गलौज, धमकी और दबाव बनाकर जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। राजभर ने यह भी दावा किया कि करीब 50 बीघा जमीन और तालाब पर कब्जा कर वहां स्विमिंग पूल वाला फार्म हाउस बनाया गया है।

‘करंट वाला तार लगाकर घेर दिया’

पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि कब्जे वाली जमीन के चारों तरफ करंट वाला तार भी लगाया गया है, ताकि वहां कोई न जा सके। उन्होंने इसे समाजवादी सोच नहीं बल्कि सामंती मानसिकता का उदाहरण बताया।

‘मजबूत विपक्ष बनना है तो ऐसे लोगों पर लगाम लगाइए’

OP Rajbhar On Akhilesh Yadav Statement पोस्ट के आखिर में राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए लिखा कि वह चाहते हैं कि अगली सरकार में प्रदेश को एक मजबूत विपक्ष मिले। इसके लिए समाजवादी पार्टी को खुद में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सपा को मजबूत विपक्ष की भूमिका निभानी है तो दरोगा प्रसाद सरोज जैसे नेताओं पर नियंत्रण रखना होगा, नहीं तो पार्टी नेता प्रतिपक्ष का पद भी गंवा सकती है।

गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर पिछले कुछ समय से लगातार सोशल मीडिया के जरिए सपा और अखिलेश यादव पर हमलावर हैं। इससे पहले वह परिवारवाद, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, जातीय हिंसा और PDA जैसे मुद्दों को लेकर भी सपा नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं।

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.