उप्र : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनावश्यक नियम हटाने के निर्देश दिए

उप्र : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनावश्यक नियम हटाने के निर्देश दिए

उप्र : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनावश्यक नियम हटाने के निर्देश दिए
Modified Date: January 22, 2026 / 10:40 pm IST
Published Date: January 22, 2026 10:40 pm IST

लखनऊ, 22 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि शासन का लक्ष्य नागरिकों और उद्यमियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं, अनुमतियों और निरीक्षणों से राहत देकर भरोसे पर आधारित पारदर्शी और समयबद्ध प्रशासन उपलब्ध कराना है।

राज्य सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर सुधार का प्रभाव जमीन पर दिखना चाहिए और आम व्यक्ति को यह अनुभव होना चाहिए कि व्यवस्था उसके लिए आसान हुई है।

आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अनुपालन सुधारों के पहले चरण में देश में एक मजबूत पहचान बनाई है और अब दूसरे चरण के माध्यम से इन सुधारों को स्थायी और संस्थागत रूप दिया जाना है।

उन्होंने कहा कि यह चरण केवल नियमों में बदलाव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली और सोच में परिवर्तन का माध्यम है।

भूमि उपयोग से जुड़े सुधारों पर चर्चा करते हुए बैठक में बताया गया कि किसानों और भू-स्वामियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने के लिए भूमि उपयोग में परिवर्तन जैसी जटिल अनुमतियों को समाप्त करने या सरल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

नियोजित क्षेत्रों में मास्टर प्लान के अनुरूप भूमि उपयोग के मामलों में अलग से अनुमति की आवश्यकता समाप्त करने और अनियोजित क्षेत्रों में भी भूमि रूपांतरण की प्रक्रिया को सरल करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

भवन निर्माण और निर्माण क्षेत्र के संबंध में बैठक में बताया गया कि नक्शा पास कराने, प्रारूप मंजूरी और समापन प्रमाण पत्र जैसी प्रक्रियाओं को जोखिम आधारित प्रणाली पर लाया जा रहा है। इसके तहत स्वप्रमाणन को बढ़ावा देकर आम नागरिकों और बिल्डर्स को अनावश्यक देरी से राहत देने की व्यवस्था की जा रही है।

भाषा

राजेंद्र रवि कांत


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