उप्र : संभल में भीख मांगने वाले बच्चे गणतंत्र दिवस परेड में होंगे शामिल

उप्र : संभल में भीख मांगने वाले बच्चे गणतंत्र दिवस परेड में होंगे शामिल

उप्र : संभल में भीख मांगने वाले बच्चे गणतंत्र दिवस परेड में होंगे शामिल
Modified Date: January 20, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: January 20, 2026 4:40 pm IST

संभल, 20 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सड़कों पर भीख मांगने और इधर-उधर काम करने वाले 30 बच्चे प्रशासन और एक गैर सरकारी संस्था की पहल के बाद अब 26 जनवरी को लखनऊ में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होंगे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

एक अधिकारी ने बताया कि बच्चों के लिए यह अभाव से राष्ट्रीय पहचान तक का एक दुर्लभ सफर है। ये बच्चे परेड के दौरान मार्चिंग बैंड टुकड़ी में हिस्सा लेंगे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रदर्शन करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि यह पहल संभल जिला प्रशासन और गैर-सरकारी संगठन ‘उम्मीद’ के संयुक्त प्रयास का नतीजा है।

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‘उम्मीद’ की प्रमुख रैना शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के निर्देश पर किए गए एक जिला-व्यापी सर्वेक्षण में भीख मांगने वाले 268 बच्चों की पहचान की गई। इनमें से 30 बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया गया और परेड के लिए चुना गया। इन 30 बच्चों ने भीख मांगना बंद कर दिया था और इनके आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्‍तावेज पूरे हो गए थे।

शर्मा ने कहा, ‘ये बच्चे सात से 14 साल की उम्र के हैं। उन्हें बहजोई पुलिस लाइन में प्रशिक्षित किया गया है और सभी बैंड वाद्य यंत्र जिला प्रशासन द्वारा दिए गए हैं।’

उन्होंने कहा कि बाकी बच्चों के दस्‍तावेज पूरे करने और उन्हें औपचारिक शिक्षा प्रणाली में लाने के प्रयास जारी हैं।

शर्मा ने कहा कि चुने गए बच्चे लखनऊ की गणतंत्र दिवस परेड में संभल का प्रतिनिधित्व करेंगे और अगले साल नयी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेने के लिए उन पर विचार किया जा सकता है।

जिलाधिकारी पेंसिया ने कहा कि ‘भीख से सीख’ नाम की इस पहल का मकसद भीख मांगने पर निर्भर परिवारों का पुनर्वास करना है।

जिलाधिकारी ने कहा, ” लखनऊ में जो गणतंत्र दिवस की परेड होनी है उसके लिए जिन बच्चों को चुना गया है, पहले उनका यहां प्रशिक्षण हुआ और वर्तमान में उनकी परेड लखनऊ में चल रही है।”

भाषा

सं, आनन्‍द रवि कांत


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