उप्र: पीलीभीत बाघ अभयारण्य में ‘तस्करों’ के हमले में पांच अधिकारी घायल, 64 लोगों पर मामला दर्ज

उप्र: पीलीभीत बाघ अभयारण्य में ‘तस्करों’ के हमले में पांच अधिकारी घायल, 64 लोगों पर मामला दर्ज

उप्र: पीलीभीत बाघ अभयारण्य में ‘तस्करों’ के हमले में पांच अधिकारी घायल, 64 लोगों पर मामला दर्ज
Modified Date: March 6, 2026 / 08:14 pm IST
Published Date: March 6, 2026 8:14 pm IST

पीलीभीत, छह मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के पीलीभीत बाघ अभयारण्य के माला वन क्षेत्र में वन विभाग के गश्ती दल पर लकड़ी तस्करों और ग्रामीणों ने कथित तौर पर हमला कर पांच अधिकारियों को घायल कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग के दल पर हमला करने का आरोप लगाया।

पुलिस ने बताया कि नेउरिया थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में कथित हमलावरों ने विभाग के एक वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

स्थानीय थाना अधिकारी सुभाष मावी ने बताया कि वन उप निरीक्षक अमित कुमार की शिकायत के आधार पर 14 नामजद और 50 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दंगा, हत्या का प्रयास, सरकारी अधिकारियों को बाधा पहुंचाना और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है।

वन अधिकारियों के अनुसार, यह घटना तीन मार्च की रात लगभग पौने नौ बजे उस समय हुई, जब सूचना मिलने पर कि हथियारों से लैस लोगों का एक बड़ा समूह लकड़ी काटने और शिकार करने के इरादे से जंगल में घुस आया है, जिसके बाद उपनिरीक्षक कुमार के नेतृत्व में एक टीम तुरंत जंगल की ओर रवाना हुई। अधिकारियों ने बताया कि वन रक्षक सचिन सिंह, डिप्टी रेंजर शेर सिंह और टाइगर ट्रैकर धर्मेंद्र सहित टीम ने मारौरी वॉचटावर के पास समूह को रोकने की कोशिश की।

उन्होंने आरोप लगाया कि लाठी, कुल्हाड़ी और धारदार हथियारों से लैस 100 से अधिक लोगों ने वनकर्मियों पर हमला कर दिया।

कुमार और धर्मेंद्र को बुरी तरह पीटा गया।

अधिकारियों ने बताया कि हमलावर कुमार को मृत समझकर वहीं छोड़कर चले गए।

हमलावरों ने डिप्टी रेंजर के वाहन में कथित तौर पर तोड़फोड़ की और बाद में वॉचटावर लौटकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

घायल वन अधिकारियों को जिला अस्पताल ले जाया गया। इस बीच, मराउरी गांव के निवासी अशोक कुमार ने नेउरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वन कर्मियों ने ग्रामीणों पर हमला किया।

अशोक ने अपनी शिकायत में दावा किया कि वह अपने खेत में जानवरों को भगाने गया था कि तभी उसने कुछ ग्रामीणों को झाड़ियां काटते देखा।

उसने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारी रात करीब आठ बजे मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की पिटाई शुरू कर दी।

शिकायत में दावा किया गया कि जब उसने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उस पर और एक अन्य ग्रामीण ओमप्रकाश पर कथित रूप से हमला किया गया और उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया।

अशोक कुमार ने शिकायत में एसआई कुमार, वन रक्षक सचिन, डिप्टी रेंजर शेर सिंह और धर्मेंद्र का भी नाम लिया है।

थाना अधिकारी मावी ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है।

भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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