उत्तर प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के जरिये 1.32 लाख स्कूलों की तस्वीर बदलने का दावा किया

उत्तर प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के जरिये 1.32 लाख स्कूलों की तस्वीर बदलने का दावा किया

उत्तर प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के जरिये 1.32 लाख स्कूलों की तस्वीर बदलने का दावा किया
Modified Date: May 24, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: May 24, 2026 10:15 pm IST

लखनऊ, 24 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की प्रमुख योजना ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ से राज्य के परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने का दावा किया गया है।

रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत अब तक 1.32 लाख विद्यालयों का कायाकल्प किया गया है।

बयान के मुताबिक योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा में अब सिर्फ भवनों और नामांकन पर जोर नहीं दिया जा रहा, बल्कि परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक, स्मार्ट और तकनीक आधारित शिक्षा केंद्रों में बदलने का व्यापक अभियान चलाया रहा है।

बयान के मुताबिक कभी जर्जर भवनों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के लिए जाने जाने वाले सरकारी स्कूल अब ‘योगी मॉडल’ के तहत नयी पहचान बना रहे हैं।

बयान में कहा गया है किविद्यालयों में बच्चों के लिए बैठने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 3.42 लाख डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने का काम तेजी से जारी है।

बयान के अनुसार सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने की विशेष योजना पर काम हो रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी तकनीक आधारित शिक्षा से जुड़ सकें।

बयान के मुताबिक सरकार परिषदीय शिक्षा को आधुनिक और समग्र शिक्षा मॉडल से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है, इसी क्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

बयान के अनुसार प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक संचालित होने वाले 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों में से 141 के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

बयान में कहा गया है कि इसके साथ ही 75 मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय भी विकसित किए जा रहे हैं, जहां प्री-प्राइमरी से कक्षा-8 तक के बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

बयान के अनुसार सरकार ने बालिका शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है, जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहां नए आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

भाषा आनन्द

जोहेब

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