लखनऊ, 16 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार बढ़ रही गर्मी और लू की परिस्थितियों को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाकर 24 जून तक कर दी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब प्रत्येक वर्ष 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा तथा 25 जून से विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन प्रारंभ होगा। योगी आदित्यनाथ के नेतृतव वाली सरकार का उद्देश्य बच्चों को भीषण गर्मी से सुरक्षित रखते हुए नए शैक्षणिक सत्र की बेहतर और व्यवस्थित शुरुआत सुनिश्चित करना है।
एक बयान के मुताबिक प्रदेश सरकार ने यह निर्णय पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए लिया है, जब लू की स्थिति के कारण जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर बार-बार अवकाश बढ़ाना पड़ता था। नयी व्यवस्था से पूरे प्रदेश में एकरूपता सुनिश्चित होगी और विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों को स्पष्ट शैक्षणिक कैलेंडर उपलब्ध हो सकेगा।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि विद्यालय खुलने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इसके लिए 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। इस अवधि में पठन योजना तैयार करने, मध्याह्न भोजन व्यवस्था को अंतिम रूप देने, पाठ्यपुस्तक वितरण की तैयारी, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक, बाल वाटिका संचालन की तैयारी, विद्यालय परिसर, रसोईघर एवं शौचालयों की साफ-सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता तथा स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब को क्रियाशील बनाने जैसे कार्य संपन्न किए जाएंगे।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 220 कार्यदिवस और नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए।
आदेश में विद्यालयों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारू रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं की सहभागिता से सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सकारात्मक सोच से जोड़ना भी है।
भाषा जफर सुरभि
सुरभि